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क्या एनआईडी ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन के लिए निमंत्रण पत्र किट तैयार किया?

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क्या एनआईडी ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन के लिए निमंत्रण पत्र किट तैयार किया?

सारांश

अहमदाबाद के एनआईडी ने राष्ट्रपति भवन के लिए एक विशेष निमंत्रण पत्र किट तैयार किया है, जो पूर्वी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इस किट में विभिन्न पारंपरिक शिल्पों का समावेश है, जो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अद्वितीय है।

मुख्य बातें

पूर्वी भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला निमंत्रण पत्र किट।
बिहार और झारखंड के पारंपरिक शिल्प का समावेश।
एनआईडी की डिज़ाइन सेवाएँ और उनकी विशेषज्ञता।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह किट विशेष महत्व रखती है।
स्थायी कलात्मक विरासत के प्रति सम्मान।

अहमदाबाद, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 15 अगस्त को मनाए जाने वाले 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर, राष्ट्रपति भवन द्वारा प्रस्तुत औपचारिक निमंत्रण पत्र किट का निर्माण राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी), अहमदाबाद ने किया है। एनआईडी को अपनी डिज़ाइन सेवाओं के लिए गर्व है।

इस वर्ष का निमंत्रण पत्र किट, पूर्वी भारत की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति श्रद्धांजलि है, जिसमें बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पारंपरिक शिल्प को प्रदर्शित किया गया है।

इस किट के प्रत्येक तत्व को उस क्षेत्र की समृद्ध शिल्प परंपराओं और स्थायी कलात्मक विरासत को प्रस्तुत करने के लिए सावधानीपूर्वक डिज़ाइन किया गया है।

इस निमंत्रण पत्र में बिहार से एक जटिल रूप से बुना हुआ सिक्की घास का डिब्बा शामिल है, जिसे ग्रामीण महिला कारीगरों द्वारा सुनहरे रंग की घास से हाथ से बनाया गया है, जो एक ऐसा शिल्प है जिसे पीढ़ियों से संरक्षित किया गया है। इसके अलावा, झारखंड का एक हस्तनिर्मित बांस का फोटो फ्रेम है, जिसे आदिवासी कारीगरों ने बनाया है। इसे एक प्रतीकात्मक द्वार के रूप में डिज़ाइन किया गया है और यह मधुबनी कला से सुसज्जित है, जो अपने चटकीले रंगों और जटिल पैटर्न के लिए प्रसिद्ध है।

हाथ से बने ब्लॉक-प्रिंटेड तसर सिल्क स्टोल इस संग्रह को और समृद्ध बनाता है, जिसमें मत्स्य, कमल और बसंत जैसे क्षेत्रीय रूपांकनों को एक परिष्कृत तिरंगे पैलेट में प्रस्तुत किया गया है। इस किट में पूर्वी भारत के लोक चित्रों का एक संग्रह भी शामिल है, जिसमें बिहार की टिकुली कला, झारखंड का पेटकर चित्र, ओडिशा का तालपत्र चित्र, और बंगाल का पट्टचित्र शामिल हैं। निमंत्रण किट की पूरी तैयारी, डिज़ाइन से लेकर उत्पादन तक, एनआईडी बेंगलुरु परिसर में एनआईडी अहमदाबाद के सहयोग से की गई।

एनआईडी के निदेशक अशोक मंडल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति भवन की ओर से 15 अगस्त के निमंत्रण पत्र के डिज़ाइन का कार्य सौंपी गई थी। इस बार की थीम पूर्वी भारत के चार राज्यों पर आधारित है। इन राज्यों की कलाकृतियों को ध्यान में रखकर निमंत्रण पत्र बनाया गया है। इसका निर्माण दो चरणों में किया गया है। इसे निर्धारित समय में तैयार कर राष्ट्रपति भवन भेज दिया गया है। इस तरह के काम के लिए हमें चुना जाना गर्व की बात है।

टेक्सटाइल डिज़ाइन में सीनियर फैकल्टी आरती श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रपति भवन की ओर से मिले प्रोजेक्ट में टेक्सटाइल डिज़ाइन विभाग ने स्टोल बनाया है। राष्ट्रपति भवन में आने वाले अतिथि इसे पहनेंगे। इस पर मधुबनी पेंटिंग की गई है। यह पूरी तरह से हाथ से बनाया गया है। आधार सामग्री पूरी तरह से सिल्क है। इसे बनाने में लगभग ढाई महीने का समय लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एनआईडी का यह प्रयास न केवल डिज़ाइन की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को भी उजागर करता है। स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर, यह किट हमें हमारे इतिहास और परंपराओं की याद दिलाती है और हमें गर्वित करती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस निमंत्रण पत्र किट में क्या शामिल है?
इस किट में बिहार का सिक्की घास का डिब्बा, झारखंड का बांस का फोटो फ्रेम, और तसर सिल्क स्टोल शामिल हैं।
एनआईडी को इस प्रोजेक्ट के लिए क्यों चुना गया?
एनआईडी की डिज़ाइन सेवाओं के प्रति राष्ट्रपति भवन का विश्वास और पूर्वी भारत की संस्कृति की समझ के कारण उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया।
राष्ट्र प्रेस
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