नीलोत्पल का गढ़चिरौली से कोल्हापुर में तबादला, एम. रमेश बने नए एसपी
सारांश
Key Takeaways
- नीलोत्पल का तबादला कोल्हापुर किया गया है।
- एम. रमेश नए पुलिस अधीक्षक बने हैं।
- नीलोत्पल के कार्यकाल में नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए।
- 11 नए पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए।
गढ़चिरौली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गढ़चिरौली जिले को नक्सलमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल का तबादला कोल्हापुर जिले में कर दिया गया है। उन्हें अब कोल्हापुर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। गढ़चिरौली में कार्यरत एम. रमेश को जिले की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नीलोत्पल ने अक्टूबर 2022 में गढ़चिरौली जिले के पुलिस अधीक्षक के पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल में जिले में नक्सलवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए गए, जिससे गढ़चिरौली को नक्सलमुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच 170 से अधिक हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 99 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मार गिराया गया। इसके अलावा 120 से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। जंगलों में वर्षों से मौजूद नक्सली स्मारकों का ध्वंस भी प्रशासन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
नीलोत्पल गढ़चिरौली जिले में लंबे समय तक सेवा देने वाले चुनिंदा पुलिस अधीक्षकों में से एक रहे हैं। उनके कार्यकाल की एक विशेषता यह रही कि उन्होंने कानून व्यवस्था को दृढ़ता से लागू किया और सुनिश्चित किया कि गंभीर अपराधों में शामिल कोई आरोपी न बचे।
नीलोत्पल के कार्यकाल में भामरागढ़ और एटापल्ली जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में (छत्तीसगढ़ सीमा से सटे) 11 नए पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों के निवासियों को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करने का प्रयास किया गया।
वहीं, एम. रमेश ने नवंबर 2023 में गढ़चिरौली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाला था। लगभग तीन वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों और मुठभेड़ों में सक्रिय भूमिका निभाई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उनके अनुभव के आधार पर अब उन्हें गढ़चिरौली जिले के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीलोत्पल के कार्यकाल में गढ़चिरौली ने नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, और अब नए पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के सामने इन उपलब्धियों को बनाए रखते हुए जिले में शांति और सुरक्षा को और मजबूत करने की चुनौती होगी।