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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मछुआरों को कैसे मिल रहा है लाभ?

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मछुआरों को कैसे मिल रहा है लाभ?

सारांश

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने नीमच जिले के मछुआरों के जीवन में परिवर्तन ला दिया है। इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता और सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे उनकी आय बढ़ रही है। जानिए इस योजना के लाभ और मछुआरों की नई उपलब्धियों के बारे में।

मुख्य बातें

मत्स्य परिवहन के लिए सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
अनुदान राशि 40 से 60 प्रतिशत तक उपलब्ध है।
क्लोज सीजन में 3,000 रुपए की सहायता मिलती है।
नई पेन कैचर और केज कल्चर इकाइयों की स्थापना से मत्स्य उत्पादकता बढ़ी है।
मछुआरे अब सीधे मछली बेचकर आय बढ़ा रहे हैं।

नीमच, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार की प्रमुख प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मछुआरों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार हो रहा है। इस योजना के तहत छोटे मछुआरों को मत्स्य परिवहन के लिए मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स, तीन पहिया ऑटो रिक्शा और साइकिल विद आइस बॉक्स जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिसमें 40 से 60 प्रतिशत तक की अनुदान राशि दी जा रही है।

इसके साथ ही, क्लोज सीजन के दौरान 'बचत सह राहत योजना' के तहत प्रत्येक पात्र सदस्य को 3,000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जा रही है।

नीमच के रतनगढ़ क्षेत्र के नया-पुराना डेम पर जय जोगणिया मत्स्य सहकारी समिति ने पहली बार 2 पेन कैचर इकाइयों की स्थापना की है, जबकि जिले में कुल 4 नए केज कल्चर स्थापित किए गए हैं। इससे मत्स्य उत्पादकता में सुधार के साथ ही मछुआरा समितियों की आर्थिक स्थिति में मजबूती आई है और सदस्य अब सीधे मछली बेचकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।

जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी देवचंद शाह इनवाती ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जिले के मछुआरा भाइयों को मत्स्य परिवहन के लिए योजना के तहत मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स और रिक्शा विद आइस बॉक्स दिया गया है, जिससे वह मछलियों को उचित मूल्य पर बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार सकते हैं।

मानपुरा गांव के जय जोगणिया मत्स्य सहकारी समिति के सचिव गोपाल दास ने कहा, "नीमच से 60 किलोमीटर दूर नया पुराना तालाब में 10 वर्षों के लिए मत्स्य पालन और मत्स्याखेट (मछली पकड़ना) का पट्टा मिला है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 2 हेक्टेयर के लिए पेन कैचर इकाई के लिए 3,60,000 रुपए का अनुदान भी मिला है, और चार नए केज कल्चर की स्थापना भी हमारी समिति द्वारा की गई है।"

उन्होंने आगे कहा, "हम हमारी समिति की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हमें मत्स्य परिवहन के लिए मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स मिला है, जिससे हम मछलियों का परिवहन और विक्रय आसानी से कर पा रहे हैं।"

नीमच जिले के मछुआरों को इस योजना से मिल रही सुविधाओं से मत्स्य व्यवसाय में पारदर्शिता और लाभ में वृद्धि हुई है।

समिति के सदस्य शांतिलाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ मिला है, जिसके तहत मुझे एक बाइक और आइस बॉक्स मिला है, जिससे मैं अपना कारोबार कर पाता हूं। मैं इस योजना के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।

समिति के सदस्य ने कहा, "प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हमें मत्स्य परिवहन और विक्रय के लिए मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स मिला है, जिससे हम मछलियों का परिवहन और विक्रय आसानी से कर पा रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करता हूं, उनकी इस महत्वपूर्ण योजना से हम लोगों को बहुत सहायता मिली है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मत्स्य पालन में भी नई प्रौद्योगिकी और सुविधाएं प्रदान कर रही है। इस दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के मत्स्य व्यवसाय को मजबूती प्रदान करेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य मछुआरों की आय बढ़ाना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है।
इस योजना से मछुआरों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
मछुआरों को मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स, तीन पहिया ऑटो रिक्शा और साइकिल विद आइस बॉक्स जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
इस योजना में अनुदान की राशि कितनी है?
इस योजना में 40 से 60 प्रतिशत तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
क्या इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता मिलती है?
हाँ, पात्र सदस्यों को क्लोज सीजन के दौरान 3,000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है।
नई पेन कैचर और केज कल्चर इकाइयों की स्थापना का क्या लाभ है?
इन इकाइयों की स्थापना से मत्स्य उत्पादकता में वृद्धि और मछुआरा समितियों की आर्थिक स्थिति में मजबूती आई है।
राष्ट्र प्रेस
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