क्या नितिन नवीन के आवास पर अष्टयाम पूर्ण, हवन और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने 'श्रीराम' नाम के जयकारे लगाए?

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क्या नितिन नवीन के आवास पर अष्टयाम पूर्ण, हवन और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने 'श्रीराम' नाम के जयकारे लगाए?

सारांश

पटना में आयोजित अष्टयाम की पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब। नितिन नवीन के सरकारी आवास पर भव्य हवन और आरती का आयोजन हुआ। जानें इस अद्भुत धार्मिक समारोह की खासियतें और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के बारे में।

Key Takeaways

  • अष्टयाम का आयोजन एक प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान है।
  • भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी।
  • इसमें कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
  • यह समारोह धार्मिक एकता का प्रतीक है।
  • रामधुन का जाप श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है।

पटना, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या में श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर श्रीश्री रामनवमी शोभायात्रा अभिनंदन समिति द्वारा आयोजित अष्टयाम की पूर्णाहुति गुरुवार को संपन्न हुई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पटना के टेलर रोड स्थित सरकारी आवास पर आयोजित 24 घंटे के रामधुन अष्टायाम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, सांसद शाहनवाज हुसैन, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, संजय टाइगर, विधायक जीवेश मिश्रा समेत कई गणमान्य तथा विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।

अखंड रामधुन की ताल पर पूरा वातावरण राममय हो गया और भक्ति की अविरल धारा से श्रद्धालुओं का मन मोह रहा था। महिलाओं तथा पुरुषों ने मिलकर इस भव्य आयोजन में हिस्सा लिया। 21 जनवरी की सुबह को प्रारंभ हुए इस 24 घंटे के अष्टायाम की पूर्णाहुति 22 जनवरी की दोपहर को हवन और आरती के साथ हुई, जिसमें विधायक जीवेश मिश्र समेत सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।

इस भव्य आयोजन में श्रीश्री रामनवमी शोभायात्रा अभिनंदन समिति के अध्यक्ष सरदार जगजीवन सिंह बबलू, राजेश जैन, गोपाल कृष्ण, सुजॉय सौरभ, नितिन अभिषेक, मुकेश जैन, अक्षय, प्रमोद सिंह, कुमार राघवेंद्र समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

इस अवसर पर अभिनंदन समिति के अध्यक्ष जगजीवन सिंह बबलू ने बताया कि सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्री रामलला के भव्य मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा सनातन धर्मावलंबियों के गौरव का प्रतीक है, इसलिए इस पावन दिवस को हम सब अपने आराध्य प्रभु श्री राम के वार्षिकोत्सव के रूप में मनाते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 24 घंटे के श्री रामधुन के अखंड जाप से धर्म के प्रति लोगों में नई चेतना का संचार होगा। सैकड़ों की संख्या में आए भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई थी, जिसका भक्तों ने ऑर्केस्ट्रा के मधुर भजनों की धुन के साथ आनंद लिया।

Point of View

बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। ऐसे आयोजन हमें याद दिलाते हैं कि हमारे संस्कार और संस्कृति कितनी समृद्ध हैं।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

अष्टयाम क्या है?
अष्टयाम एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें 24 घंटे तक रामधुन का जाप किया जाता है। यह भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस कार्यक्रम में भाजपा के कई प्रमुख नेता जैसे नितिन नवीन, विजय सिन्हा, और सांसद शाहनवाज हुसैन शामिल हुए।
पूर्णाहुति का क्या अर्थ है?
पूर्णाहुति एक धार्मिक अनुष्ठान का अंतिम चरण है जिसमें हवन और आरती का आयोजन किया जाता है।
इस आयोजन में भक्तों के लिए क्या व्यवस्था थी?
भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें उन्हें प्रसाद वितरित किया गया।
इस प्रकार के आयोजन का महत्व क्या है?
ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं और लोगों में भक्ति की भावना को जागृत करते हैं।
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