भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, डिफेंस शेयरों में जोरदार खरीदारी
सारांश
Key Takeaways
- बाजार में डिफेंस शेयरों की खरीदारी बढ़ी है।
- बीएसई सेंसेक्स में मामूली वृद्धि हुई है।
- निफ्टी में गिरावट देखी गई है।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली की है।
- कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं।
मुंबई, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार आज सपाट स्थिति में खुला। बीएसई सेंसेक्स में 33 अंक या 0.04 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ यह 78,238 पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 30 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,231 पर खुला।
शुरुआती कारोबार में डिफेंस शेयर बाजार को संभालने में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस ने लगभग एक प्रतिशत की बढ़त हासिल की, जिससे यह शीर्ष लाभकारी बन गया। इसके अतिरिक्त, मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएसई, एनर्जी, ऑयल एवं गैस, कमोडिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर भी सकारात्मक संकेत दिखा रहे थे।
वहीं, प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल, ऑटो और सर्विसेज सेक्टर में दबाव देखा जा रहा था।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी स्थिरता बनी हुई है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने 377 अंक या 0.66 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 57,555 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 173 अंक या 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,647 पर कारोबार किया।
सेंसेक्स में इंडिगो, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एनटीपीसी, बीईएल, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, इटरनल, आईटीसी, टाइटन और ट्रेंट शीर्ष लाभकारी रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, भारती एयरटेल, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और एमएंडएम नुकसान में रहे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंगकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में खुले थे। हालांकि, मंगलवार को अमेरिकी बाजार में मिलेजुले नतीजे देखने को मिले।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बिकवाली की प्रवृत्ति बनाए रखी और मंगलवार को 4,672.64 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,333.26 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
कच्चे तेल में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक, डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.22 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.44 डॉलर प्रति बैरल पर था।