नितिन नवीन का 28 मई से उत्तराखंड दौरा: कोर कमेटी बैठक, CM से मुलाकात और बूथ स्तर संवाद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन 28 मई से उत्तराखंड के तीन दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर रवाना होंगे, जो 30 मई तक चलेगा। इस दौरे में वे वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे तथा पार्टी की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा करेंगे। संगठनात्मक दृष्टि से इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है।
पहले दिन का कार्यक्रम
28 मई को नितिन नवीन शाम लगभग 4:35 बजे देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे। वहाँ से सीधे राज्य भाजपा कार्यालय जाएंगे, जहाँ शाम 6:15 बजे कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद पार्टी के मंत्रियों के साथ अलग से विचार-विमर्श भी होगा।
दूसरे दिन की मुख्य गतिविधियाँ
दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत मुख्यमंत्री से भेंट के साथ होगी। इसके बाद नवीन पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बी.सी. खंडूरी के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे और परिजनों से शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। तत्पश्चात राजपुर रोड स्थित एक होटल में संगठनात्मक बैठकों की श्रृंखला आयोजित होगी।
इन बैठकों में क्रमशः सांसदों और विधायकों, राज्य पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों, महासचिवों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ संगठन की गतिविधियों व आगामी रणनीतियों पर चर्चा होगी। इसके अलावा महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों से भी संवाद किया जाएगा। दिन के अंत में पार्टी के मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी सेल और प्रवक्ताओं के साथ संचार रणनीति की समीक्षा बैठक होगी।
तीसरे दिन: मंदिर दर्शन से युवा संवाद तक
अंतिम दिन नितिन नवीन टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक बूथ स्तरीय कार्यकर्ता के घर नाश्ते के लिए जाएंगे — यह जमीनी जुड़ाव का प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। आगे वे बूथ समिति की बैठक में शामिल होंगे और सिंहनीवाला स्थित शिवालिक कॉलेज में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
दिन के समापन पर वे मुख्य सेवक सदन (मुख्यमंत्री आवास) में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। 30 मई को शाम लगभग 4:35 बजे जॉली ग्रांट हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
संगठनात्मक महत्व
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भाजपा उत्तराखंड में अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत करने में जुटी है। बूथ स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक एक ही दौरे में संवाद की यह रणनीति पार्टी के संगठनात्मक अनुशासन को दर्शाती है। गौरतलब है कि बूथ-स्तरीय सशक्तिकरण भाजपा की चुनावी तैयारी का केंद्रीय स्तंभ रहा है।