नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार का अपमान, भाजपा उन्हें डिप्टी पीएम बनाए: मनोज कुमार
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना विवादास्पद है।
- कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने इसे अपमान बताया।
- भाजपा को नीतीश को डिप्टी पीएम बनाना चाहिए।
- बिहार की जनता में गहरा रोष है।
- इससे भाजपा और जदयू के रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक राज्यसभा जाने के निर्णय से राज्य की जनता और जदयू के कार्यकर्ता बेहद निराश हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह से नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का निर्णय, स्पष्ट रूप से जनता का अपमान है।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में बिहार की जनता का सम्मान करना चाहती है, तो नीतीश कुमार को डिप्टी पीएम या गृहमंत्री बनाया जाए। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को हटाकर उन्हें राज्यसभा सांसद बनाना, बिहार का सीधा अपमान है।
मनोज कुमार ने आगे कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना, बिहार के लोगों के साथ अन्याय है। यह बिहार की जनता के साथ धोखा देने जैसा है। अगर आप उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाना चाहते थे, तो चुनाव के दौरान उन्हें अपना नेता क्यों बताया? जनता से 5 वर्षों के लिए बहुमत क्यों मांगा? आप हर मंच पर क्यों कहते थे कि 25 से 30 नीतीश कुमार। हम विपक्ष में हैं और कांग्रेस के सांसद हैं, इसलिए हम लगातार सवाल उठाएंगे। सवाल यह है कि आज पटना की सड़कों पर लाखों जदयू कार्यकर्ता उतर रहे हैं, वे दुखी हैं। वे नहीं चाहते कि नीतीश कुमार बिहार से निकलकर दिल्ली जाएं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ कई बार मंत्री रह चुके हैं। भाजपा का कहना है कि नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा से राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है और वे इस फैसले का सम्मान करते हैं। अगर भाजपा वास्तव में सम्मान की बात कर रही है, तो उन्हें नीतीश कुमार को डिप्टी पीएम बना देना चाहिए। वे पीएम नहीं बना सकते, यह सब जानते हैं, कम से कम डिप्टी पीएम या गृहमंत्री तो बना दें। अगर भाजपा ऐसा करती है, तो बिहार की जनता को लगेगा कि उन्हें सम्मान मिला है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सांसद बनना बिहार की जनता के साथ सिर्फ एक धोखा है। बिहार की जनता ने एनडीए को नीतीश कुमार के चेहरे पर 202 सीटें दीं। इसके बावजूद नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना धोखा देने जैसा है। बिहार की जनता के मन में कई सवाल उठे हैं और उनके जवाब मिलने चाहिए।
कई राज्यों में राज्यपाल के बदलाव पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस सवाल का जवाब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को देना चाहिए कि राज्यपालों को क्यों हटाया गया?
पश्चिम बंगाल के नए गवर्नर की नियुक्ति पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि गवर्नर को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है और उन्हें भेज दिया गया है। सरकार जो भी कहेगी, वह उसके अनुसार काम करेंगे, लेकिन वह कितना भी विरोध करें, वहां कुछ नहीं होगा। भाजपा की बंगाल में दाल नहीं गलने वाली है।