नीतीश कुमार की पहचान दिल्ली के अंधेरों में खोने की बात, नसीम सिद्दीकी का बयान
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का इस्तीफा भाजपा की रणनीतियों का परिणाम है।
- नसीम सिद्दीकी ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए।
- महिलाओं की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय है।
- यूसीसी का विरोध एक राजनीतिक एजेंडा है।
- डॉ. अंबेडकर का योगदान भारतीय संविधान के लिए अनमोल है।
मुंबई, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे पर एनसीपी (एसपी) नेता नसीम सिद्दीकी ने टिप्पणी की कि नीतीश कुमार का व्यक्तित्व दिल्ली के अंधेरे में खो जाएगा। मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि नीतीश ने जो बीज बोया था, वही अब काट रहे हैं। अगर दो साल पहले चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार ने सही निर्णय लिया होता, तो आज नीतीश कुमार इस देश के उपप्रधानमंत्री बन सकते थे।
नसीम सिद्दीकी ने कहा कि नीतीश कुमार की वर्तमान स्थिति यह है कि न खुदा ही मिला, न विसाल-ए-सनम। उनकी पहचान आज दिल्ली के अंधेरे में खो जाएगी। भाजपा ने जो साजिश की थी, उसे सफल कर दिया। नीतीश की सत्ता अब बिहार से हमेशा के लिए चली गई है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शाह की स्थिति ऐसी हो गई है कि जब बिल्ली दूध पीती है तो आंखें बंद कर लेती है। शाह झूठ बोल रहे हैं। उन्हें पता है कि चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार उनका एजेंट बनकर बैठा हुआ है। आज चुनाव आयोग पूरी तरह बिक चुका है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही सीबीआई को 'तोता' बता चुकी है। चुनाव आयोग अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर काम कर रहा है।
एनसीपी (एसपी) नेता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि दुनिया के हर लोकतंत्र में वोटरों को बढ़ावा दिया जाता है और नए वोटर बनाए जाते हैं। राजीव गांधी ने वोटिंग की उम्र 21 से घटाकर 18 साल की थी, ताकि युवा भी भाग ले सकें, लेकिन मोदी सरकार ने एक-एक करोड़, 60-60 लाख वोट घटाने का काम किया है। जनतंत्र जिनके द्वारा स्थापित होता है, उन्हें बढ़ाने की बजाय घटाने का प्रयास किया जा रहा है। यह चुनाव अब कठपुतली बन गया है, जो सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उनके विचार वाले मतदाताओं के नाम बरकरार हैं, जबकि विरोध करने वालों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जा रहे हैं।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि आज का दिन भारत के संविधान और स्वतंत्रता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम भारतवासी भाग्यशाली हैं कि हमें बाबा साहेब अंबेडकर जैसे महान व्यक्ति मिले, जिन्होंने दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान लिखा।
यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पर उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था कि यह देश अनेक धर्मों और जातियों का है। सभी को धर्म की आजादी दी गई है। भाजपा बार-बार यूसीसी के नाम पर मुसलमानों को डराने की कोशिश कर रही है। मेरा चैलेंज है कि मुसलमानों को हटाकर 85 प्रतिशत बहुजन समाज, स्वर्ण और दलित को एक कर लीजिए। अगर वे तैयार हैं, तो मैं मुसलमानों से कहूंगा कि वे यूसीसी को स्वीकार करें।
महिलाओं की सुरक्षा पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि इस देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्नाव रेप कांड हो या हरियाणा की मेडल विजेता बेटियों के साथ हुई घटना, रोजाना रेप के मामले सामने आ रहे हैं। निर्भया कांड भी इन्हीं के शासनकाल में हुआ। नासिक का हालिया मामला तो और भी शर्मनाक है।