क्या नीतीश कुमार 'समृद्धि यात्रा' से योजनाओं का जायजा लेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- यात्रा का उद्देश्य योजनाओं का जमीनी स्तर पर आकलन करना है।
- सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने यात्रा की सराहना की है।
- जदयू नेता खालिद अनवर ने यात्रा की 16वीं बार चर्चा की है।
- इस यात्रा से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पटना,16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' के संदर्भ में सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं कि उन्होंने एक बार फिर बिहार के निवासियों के लिए अपनी यात्रा प्रारंभ की है।
सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार पहले भी कई बार यात्राएं कर चुके हैं और हर यात्रा में उनका ध्यान बिहार के विकास पर होता है। नीतीश कुमार की नई यात्रा के लिए हम उन्हें बधाई देते हैं कि वे जनता के बीच जाकर ज़मीनी स्तर पर योजनाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें बड़ी जीत दिलाई थी, इसीलिए उनकी यात्रा इस बार थोड़ी जल्दी शुरू हुई है।
जदयू के नेता खालिद अनवर ने जानकारी दी कि यह नीतीश कुमार की 16वीं यात्रा है। वे हर यात्रा की शुरुआत चंपारण से करते हैं और हर क्षेत्र का समावेश करते हैं। बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है। वे सभी पूर्व योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और नई योजनाओं का भी मूल्यांकन कर रहे हैं।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निशाना बनाते हुए जदयू नेता ने कहा कि उनके पास विदेश यात्रा का समय है, लेकिन बिहार की जनता से मिलने का समय नहीं है। वे कहते हैं कि हमारी सरकार को 100 दिन दे रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि 100 दिन क्या दे रहे हैं, देखना है तो हमारा 20 साल का कार्यकाल देख लीजिए।
जदयू नेता ने कहा कि जनता ने उन्हें पहले ही अस्वीकृत कर दिया है। उनकी कार्यशैली को देखते हुए जनता बार-बार उन्हें अस्वीकृत करती रहेगी।
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का प्रारंभ पश्चिमी चंपारण से हुआ। इस अवसर पर उन्होंने बेतिया स्थित कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया, विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और विकास योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए।
एनडीए सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। ये पहल न केवल आमजन को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि बिहार के समग्र और संतुलित विकास को भी नई दिशा दे रही हैं।