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झारखंड में डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर रखा गया

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झारखंड में डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर रखा गया

सारांश

झारखंड के पलामू जिले में स्थित ऐतिहासिक डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब आधिकारिक रूप से मेदिनीनगर रखा गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। जानें इस बदलाव के पीछे की कहानी और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों के बारे में।

मुख्य बातें

डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर किया गया।
कैबिनेट बैठक में 40 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई।
राज्य कर्मचारियों के लिए नई नियमावली लाए गए हैं।
मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री और विधायकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

रांची, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पलामू जिले का प्रसिद्ध डालटनगंज रेलवे स्टेशन अब औपचारिक रूप से मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

सरकार के इस कदम के साथ, लगभग दो दशक पहले शहर का नाम बदलकर मेदिनीनगर करने की प्रक्रिया अब रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई है। यह शहर ब्रिटिश काल में 1861-62 में तत्कालीन कमिश्नर और मानवविज्ञानी कर्नल एडवर्ड टुइट डाल्टन के नाम पर रखा गया था।

बाद में, 2004 में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक खेरो राजवंश के प्रसिद्ध शासक मेदिनी राय के सम्मान में इसका नाम बदलकर मेदिनीनगर किया। अब लगभग 22 वर्षों के बाद रेलवे स्टेशन का नाम भी इसी अनुसार बदलने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कैबिनेट की बैठक में इस निर्णय के अलावा कुल 40 प्रस्तावों पर भी स्वीकृति दी गई।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य कर्मचारियों की सेवा और सेवा निवृत्ति से संबंधित विवादों के समाधान के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। इस नियमावली के अनुसार, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया है।

यदि किसी कर्मचारी को निचले स्तर पर किए गए निर्णय से असंतोष है, तो उसके लिए अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का मानना है कि इस नियमावली से सेवा संबंधी विवादों के त्वरित और पारदर्शी समाधान में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही, कैबिनेट ने मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के दायरे को व्यापक बनाने का निर्णय लिया है।

अब इस योजना का लाभ झारखंड से बाहर स्थित तकनीकी महाविद्यालयों में पढ़ने वाली राज्य की छात्राओं को भी मिलेगा। इससे पहले यह सुविधा केवल झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की छात्राओं तक सीमित थी। बैठक में रांची महिला कॉलेज की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528-बेड के छात्रावास को कॉलेज परिसर के बजाय मोरहाबादी स्थित कल्याण परिषद परिसर में बनाने का निर्णय भी लिया गया।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के समान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस व्यवस्था के तहत उनके उपचार पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस निर्णय से स्थानीय लोगों की पहचान और गर्व को भी बढ़ावा मिलेगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नया नाम क्या है?
डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नया नाम मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन है।
यह नाम परिवर्तन कब हुआ?
यह नाम परिवर्तन 12 मार्च को झारखंड कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई।
इस निर्णय का उद्देश्य क्या है?
इस निर्णय का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति और पहचान को मान्यता देना है।
क्या अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई?
हाँ, कैबिनेट बैठक में कुल 40 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
क्या राज्य कर्मचारियों के लिए कोई नई नियमावली लाई गई है?
हाँ, राज्य कर्मचारियों की सेवा और सेवा निवृत्ति से जुड़े विवादों के समाधान के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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