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नोएडा: आयुष शुक्ला हत्याकांड में परिजनों का धरना, शव लेने से इनकार; दो नाबालिग आरोपी हिरासत में

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नोएडा: आयुष शुक्ला हत्याकांड में परिजनों का धरना, शव लेने से इनकार; दो नाबालिग आरोपी हिरासत में

सारांश

नोएडा में 13 वर्षीय आयुष शुक्ला की कथित हत्या का मामला गहराता जा रहा है — परिजन शव लेने से इनकार कर धरने पर हैं, माँ की तबीयत बिगड़ी, और दो नाबालिग आरोपी हिरासत में हैं। एनकाउंटर की माँग और किशोर न्याय प्रक्रिया के बीच टकराव ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

मुख्य बातें

13 वर्षीय आयुष शुक्ला का शव 21 अगस्त को नोएडा सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र से बरामद हुआ; कथित तौर पर गला दबाकर हत्या की गई।
परिजनों ने 26 अगस्त को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरना दिया और आरोपियों के एनकाउंटर की माँग की।
मृतक की माँ की तबीयत धरने के दौरान बिगड़ी; मौके पर स्वास्थ्यकर्मियों ने ड्रिप चढ़ाई।
पुलिस ने ब्रिजू और असद को हिरासत में लिया है; दोनों नाबालिग होने के कारण बाल अपचारी के रूप में अभिरक्षा में हैं।
परिजनों का आरोप है कि 16 अगस्त को जन्मदिन की पार्टी के बहाने आयुष को घर से बुलाया गया था।
मौके पर भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात; जाँच जारी है।

नोएडा के सेक्टर-54 इलाके में 13 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र आयुष शुक्ला उर्फ हैप्पी की कथित हत्या का मामला 26 अगस्त को नए मोड़ पर पहुँच गया, जब मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरना देकर शव लेने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों की माँग है कि आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और पुलिस एनकाउंटर किया जाए।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त को आयुष अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी में जाने के बहाने घर से निकला था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी व्यापक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। करीब एक सप्ताह बाद 21 अगस्त को सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र से पुलिस को एक अज्ञात शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में आयुष शुक्ला के रूप में हुई।

25 अगस्त को मृतक की माँ ने थाना सेक्टर-24 में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की।

आरोपी और गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले में ब्रिजू और असद को हिरासत में लिया है। दोनों के नाबालिग होने के कारण उन्हें बाल अपचारी के रूप में अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अब तक सभी आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।

परिजनों का आरोप है कि आयुष को उसके दोस्तों ने जन्मदिन की पार्टी का बहाना बनाकर घर से बुलाया और फिर सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र में ले जाकर कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने असद, ब्रिजू समेत अन्य साथियों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर तनाव

26 अगस्त को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों और कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के जुटने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक की माँ शव लेने से इनकार करते हुए धरने पर बैठी रहीं। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई — कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत पर मौके पर ही स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से उन्हें ड्रिप चढ़ाई गई।

परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस और कठोर कार्रवाई नहीं होती, वे शव नहीं उठाएँगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किया है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

मौके पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद हैं और परिजनों को समझाने-शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस हत्या की वजह, घटनाक्रम की कड़ियाँ और इसमें शामिल लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ में जुटी है।

आगे क्या होगा

पुलिस जाँच अभी जारी है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि दोनों मुख्य आरोपी नाबालिग हैं, जिससे किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी — जो परिजनों की एनकाउंटर की माँग से सीधे टकराती है। आने वाले दिनों में अदालत का रुख और पुलिस की चार्जशीट इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो कानून उन्हें सुधार-गृह तक सीमित रखता है, जबकि परिवार एनकाउंटर माँग रहा है — यह अंतर्विरोध व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। हिंदू संगठनों का पोस्टमार्टम हाउस पर जुटना इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की आशंका भी पैदा करता है, जिस पर मीडिया और प्रशासन दोनों को सतर्क रहना होगा। पुलिस की जाँच की पारदर्शिता ही इस तनाव को शांत करने का एकमात्र रास्ता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष शुक्ला कौन था और उसकी हत्या कैसे हुई?
आयुष शुक्ला उर्फ हैप्पी नोएडा का 13 वर्षीय सातवीं कक्षा का छात्र था। परिजनों के अनुसार, 16 अगस्त को उसे दोस्तों ने जन्मदिन की पार्टी के बहाने घर से बुलाया और फिर सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र में ले जाकर कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
आयुष हत्याकांड में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने ब्रिजू और असद को हिरासत में लिया है। दोनों नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें बाल अपचारी के रूप में अभिरक्षा में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।
परिजन शव लेने से क्यों इनकार कर रहे हैं?
परिवार की माँग है कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस एनकाउंटर सहित कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जब तक यह माँग पूरी नहीं होती, परिजनों ने शव न उठाने का फैसला किया है और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठे हैं।
नाबालिग आरोपी होने से मामले पर क्या असर पड़ेगा?
चूँकि दोनों मुख्य आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनके विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। इस कानून के तहत सामान्यतः उन्हें सुधार-गृह भेजा जाता है, न कि वयस्क जेल — जो परिजनों की एनकाउंटर की माँग से सीधे टकराता है।
आयुष का शव कब और कहाँ मिला था?
21 अगस्त को नोएडा के सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र से पुलिस को एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। बाद में शव की पहचान 13 वर्षीय आयुष शुक्ला के रूप में हुई, जो 16 अगस्त से लापता था।
राष्ट्र प्रेस
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