नोएडा में गैस संकट का असर: श्रीराम स्कूल ने लंच-स्नैक्स बंद होने की जताई आशंका
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा में एलपीजी गैस की कमी का असर स्कूलों पर पड़ रहा है।
- श्रीराम स्कूल ने अभिभावकों से सहयोग की अपील की है।
- समस्या का मूल कारण अंतरराष्ट्रीय संकट है।
नोएडा, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में एलपीजी गैस की संभावित कमी और आपूर्ति में आ रही समस्याओं का प्रभाव अब स्कूलों पर भी दिखाई देने लगा है। सेक्टर में स्थित 'द श्री राम स्कूल' ने अभिभावकों को एक आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से सूचित किया है कि गैस की कमी के कारण स्कूल प्रशासन आगामी दिनों में बच्चों को लंच और स्नैक्स उपलब्ध कराने में असमर्थ हो सकता है।
स्कूल द्वारा भेजे गए ई-मेल में यह बताया गया है कि जिस वेंडर से स्कूल में बच्चों के लिए भोजन और स्नैक्स तैयार किए जाते हैं, उसके पास केवल दो दिन का एलपीजी स्टॉक बचा है। यदि समय पर गैस की आपूर्ति नहीं होती है, तो स्कूल प्रबंधन 16 मार्च से छात्रों को लंच और स्नैक्स प्रदान नहीं कर सकेगा।
स्कूल प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए अभिभावकों से सहयोग की अपील की है। मेल में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में यदि गैस की उपलब्धता नहीं होती है, तो पेरेंट्स को कुछ समय के लिए बच्चों के लिए घर से टिफिन लाना पड़ सकता है।
ई-मेल में यह भी उल्लेख किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान-इराक युद्ध से जुड़े हालात और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़े असर के कारण एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, जिसके चलते स्कूल के फूड वेंडर को गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।
इस मेल के वायरल होने के बाद अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई पेरेंट्स का मानना है कि यदि गैस की कमी का असर स्कूलों तक पहुंच रहा है, तो यह चिंताजनक है। वहीं, कुछ अभिभावकों ने स्कूल के इस निर्णय को व्यावहारिक मानते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में बच्चों के लिए घर से भोजन भेजना ही उचित विकल्प होगा।
उधर, जिले में गैस की कमी को लेकर पहले ही अफवाहों और वास्तविक स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है। प्रशासन की ओर से गैस एजेंसियों और संबंधित विभागों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल, स्कूल प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही एलपीजी की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और बच्चों के लिए लंच तथा स्नैक्स की व्यवस्था पहले की तरह बहाल की जा सकेगी। तब तक अभिभावकों से सहयोग की अपील की गई है।