क्या नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश हुआ? 15 बाइक बरामद
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा में वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
- पुलिस ने शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया।
- गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
- बरामद की गई बाइक्स की संख्या 15 है।
- गिरोह ने 100 से अधिक चोरी की घटनाओं को स्वीकार किया।
नोएडा, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा कदम उठाते हुए एक शातिर अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से और उनकी निशानदेही पर चोरी के कुल 15 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अनुराग और देवदत्त शर्मा के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, स्थानीय इंटेलिजेंस और गुप्त सूचना के आधार पर थाना सेक्टर-58 की पुलिस टीम ने एनआईबी चौकी, बॉर्डर खोडा रोड के पास से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी शातिर वाहन चोर हैं और लंबे समय से नोएडा, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय थे। अभियुक्तों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले मार्केट, कंपनियों और रिहायशी क्षेत्रों की पार्किंग में रैकी कर मौका देखकर दोपहिया वाहन चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहनों को ऐसी सुनसान जगहों पर छुपाया जाता था, जहां आम लोगों की आवाजाही न हो।
पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी समय-समय पर वाहनों की लोकेशन बदलते रहते थे। आरोपियों ने अब तक नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में 100 से अधिक वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
बरामद किए गए वाहनों में कई ऐसे वाहन शामिल हैं, जिनकी चोरी के संबंध में पहले से नोएडा और दिल्ली के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सेक्टर-113, सेक्टर-20 और सेक्टर-58 नोएडा के अलावा दिल्ली के गाजीपुर और जगतपुरी थानों में पंजीकृत मामले शामिल हैं। शेष बरामद वाहनों के संबंध में भी पुलिस द्वारा जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त अनुराग मूल रूप से सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के न्यू कोंडली क्षेत्र में रह रहा था, जबकि देवदत्त शर्मा राजस्थान के अलवर जिले का निवासी है और फिलहाल नोएडा के सेक्टर-55 में निवास कर रहा था। दोनों के खिलाफ पहले से ही चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे पूर्व में कई बार जेल भी जा चुके हैं।