क्या नोएडा एसटीएफ ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की लोन धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नोएडा एसटीएफ ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की लोन धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया?

सारांश

नोएडा में यूपी एसटीएफ ने एक बड़े फर्जीवाड़ा गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की है। जानिए कैसे यह गिरोह बैंकों को बेवकूफ बना रहा था और अब उनकी गतिविधियों का क्या होगा।

मुख्य बातें

गिरोह ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की है।
आधार कार्ड, पैन कार्ड, और पासबुक जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
गिरोह की गतिविधियां कई राज्यों में फैली हुई थीं।
एसटीएफ ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
220 बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए कार्रवाई की गई।

नोएडा, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने एक बड़े फर्जीवाड़ा गैंग का खुलासा करते हुए आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पिछले कई वर्षों से बैंकों को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर रहा था।

एसटीएफ की टीम ने थाना सूरजपुर क्षेत्र से गैंग के सरगना सहित सभी आठ अभियुक्तों को दबोच लिया। यह संगठित गिरोह आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासबुक, चेकबुक और पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की जालसाजी कर विभिन्न नामों से होम लोन और पर्सनल लोन लेने में माहिर था। आरोपी फर्जी नाम और प्रोफाइल बनाकर विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपए का लोन लेकर फरार हो जाते थे।

जांच में पता चला कि गिरोह ने अब तक 19 बैंकों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की है। गैंग की गतिविधियां केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं थीं, बल्कि चंडीगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा तक फैली हुई थीं। आरोपी इन राज्यों के बिल्डरों के साथ सांठगांठ कर फर्जी प्रोफाइल बनवाते थे और बड़े पैमाने पर प्रोफाइल फंडिंग कराते थे। कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फ्लैट और मकानों पर होम लोन स्वीकृत कराकर रकम निकालने के बाद आरोपी गायब हो जाते थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एसटीएफ ने भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 126 पासबुक और चेकबुक, 170 डेबिट कार्ड, 45 आधार कार्ड, 27 पैन कार्ड, 15 फर्जी आईडी कार्ड, 5 निर्वाचन आयोग के पहचान पत्र, 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और 3 कारें शामिल हैं। इसके अलावा, गैंग से जुड़े कुल 220 बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए संबंधित बैंकों को पत्राचार कर दिया गया है।

गिरोह में शामिल रामकुमार, नितिन जैन, मो. वसी, शमशाद आलम, इन्द्रकुमार कर्माकर, अनुज यादव, अशोक कुमार उर्फ दीपक जैन तथा ताहिर हुसैन को गिरफ्तार किया गया है। सभी विभिन्न राज्यों के निवासी हैं और लंबे समय से इस संगठित धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। एसटीएफ अब गिरोह के नेटवर्क, उनकी फंडिंग और बिल्डरों के साथ उनके सांठगांठ की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े में शामिल और कई बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह गैंग किस तरह से धोखाधड़ी कर रहा था?
यह गैंग कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से लोन लेता था और फर्जी नाम और प्रोफाइल बनाकर फरार हो जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में रामकुमार, नितिन जैन, मो. वसी, शमशाद आलम, इन्द्रकुमार कर्माकर, अनुज यादव, अशोक कुमार उर्फ दीपक जैन और ताहिर हुसैन शामिल हैं।
गिरोह ने कुल कितनी धोखाधड़ी की है?
गिरोह ने 19 बैंकों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की है।
क्या एसटीएफ ने कोई सबूत बरामद किए हैं?
हां, एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों और उपकरणों की भारी मात्रा बरामद की है, जिसमें पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले