क्या नूंह में बरसात बन गई है आफत? सरकारी दफ्तरों के प्रांगण बने तालाब

सारांश
Key Takeaways
- नूंह में जलभराव की स्थिति गंभीर है।
- सरकारी दफ्तरों में पानी भर गया है।
- नगर परिषद ने जल निकासी का आश्वासन दिया है।
- बारिश की वजह से कई क्षेत्रों में परेशानी हो रही है।
- उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे।
नूंह, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा में मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। नूंह में बारिश ने अब गंभीर समस्या उत्पन्न कर दी है। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहे और सुबह से ही बारिश रुक-रुक कर होती रही।
नूंह शहर में पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण रेड क्रॉस कार्यालय, कृषि विभाग, राजस्व ओल्ड रिकॉर्ड कार्यालय, माप-तौल कार्यालय और महिला पुलिस थाने के प्रांगण में पानी भर गया है। लोगों को मजबूरी में कई फीट पानी से गुजरना पड़ रहा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर वीरेंद्र देव आर्य ने बताया कि सुबह तक नूंह में 20 एमएम बारिश हुई, जबकि पुन्हाना और तावडू में 13 एमएम वर्षा दर्ज की गई। वहीं, नगीना और फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है।
डॉक्टर आर्य ने कहा कि उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से जलभराव की त्वरित निकासी को लेकर बात की है। नूंह शहर में पानी की निकासी का कोई ठोस प्रबंध नहीं है, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
उन्हें बताया गया है कि नगर परिषद ने 2-3 दिनों में जल निकासी का आश्वासन दिया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। शहर में ओल्ड रेस्ट हाउस, मेडिकल कॉलेज मोड, हामिद कॉलोनी, बस अड्डा के पीछे, शाहपुर नंगली कॉलोनी, विधायक आफताब अहमद आवास, बिजली विभाग कार्यालय और अस्पताल परिसर में पानी जमा है। यासीन मेव डिग्री कॉलेज और हिंदू सीनियर सेकेंडरी के पास भी जलभराव से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसी भी स्थिति में जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो, लेकिन बारिश ने सभी प्रबंधों और दावों को ध्वस्त कर दिया है। जिले के अन्य शहरों, कस्बों और गांवों से भी जलभराव की खबरें आ रही हैं।