तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून की दस्तक, 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; शुक्रवार को 29 जिले प्रभावित होंगे
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून की आधिकारिक शुरुआत का अनुमान जताया है। विभाग ने नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और विरुधुनगर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए वहाँ अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जबकि 15 अन्य जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। चेन्नई मौसम केंद्र के दो-दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार तक बारिश का दायरा बढ़कर 29 जिलों तक फैल जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और विरुधुनगर में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी है। इन चारों जिलों के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि निवासियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी वाले 15 जिलों में मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, कुड्डालोर, तेनकासी, कन्याकुमारी, कल्लाकुरिची, सलेम, तिरुचिरापल्ली, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, तिरुपुर और डिंडीगुल शामिल हैं। राज्य के शेष हिस्सों में मध्यम वर्षा, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की संभावना जताई गई है।
शुक्रवार को बारिश का दायरा
विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्टूबर (शुक्रवार) को बारिश का विस्तार काफी व्यापक होगा और कुल 29 जिले प्रभावित होंगे। इनमें पश्चिमी जिले, दक्षिणी पट्टी, कावेरी डेल्टा क्षेत्र और उत्तरी तटीय इलाके — राज्य की राजधानी चेन्नई सहित — शामिल होंगे।
शुक्रवार के लिए नीलगिरी, कोयंबटूर, इरोड, तिरुपुर, डिंडीगुल, थेनी, विरुधुनगर, तेनकासी, कन्याकुमारी, रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों में भारी वर्षा का अनुमान है। इसके अतिरिक्त तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, सलेम, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, विल्लुपुरम, नागपट्टिनम, तिरुवरुर और तंजावुर में भी भारी बारिश होने की संभावना है।
विभाग ने चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, कुड्डालोर और मयिलादुथुराई के लिए भी शुक्रवार को भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की है।
लगातार दो दिन प्रभावित होने वाले जिले
चेन्नई मौसम केंद्र के दो-दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, कई जिलों में गुरुवार और शुक्रवार — लगातार दोनों दिन — बारिश की चेतावनी बरकरार है। इनमें कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, विरुधुनगर, तिरुपुर, डिंडीगुल, तेनकासी और कन्याकुमारी के साथ-साथ डेल्टा क्षेत्र और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्से शामिल हैं।
गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी मानसून सामान्यतः अक्टूबर के मध्य में तमिलनाडु तट से टकराता है और राज्य की वार्षिक वर्षा का एक बड़ा हिस्सा इसी मौसम में होता है। यह दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद सक्रिय होता है।
आम जनता पर असर
तटीय और पहाड़ी जिलों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। नीलगिरी जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ की आशंका रहती है, जबकि कावेरी डेल्टा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती है, हालाँकि IMD की इस विशेष चेतावनी में इसका उल्लेख नहीं किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब चेन्नई में पिछले कुछ वर्षों से मानसून के मौसम में शहरी जलभराव एक बड़ी चुनौती रही है और नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को बारिश का दायरा गुरुवार की तुलना में काफी अधिक फैलेगा — गुरुवार के 4+15 जिलों की तुलना में शुक्रवार को 29 जिले प्रभावित होंगे। आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार विभाग अपडेट जारी करता रहेगा।