चेन्नई समेत तमिलनाडु के 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, मंगलवार को 35 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और नीलगिरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहाँ भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। राज्यभर में पहले से जारी व्यापक बारिश के बीच यह अलर्ट जनजीवन और यातायात के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले और सोमवार का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र के बुलेटिन के अनुसार, सोमवार 19 अक्टूबर को चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और नीलगिरी — इन चार जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, इसीलिए इन्हें ऑरेंज अलर्ट श्रेणी में रखा गया है।
इसके अलावा धर्मपुरी, कृष्णगिरि, सलेम, तिरुवल्लुर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल और थेनी में भी भारी वर्षा का अनुमान है। दक्षिणी तमिलनाडु के विरुधुनगर, तेनकासी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी और थूथुकुडी में भी ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद जताई गई है।
कावेरी डेल्टा और उत्तरी जिलों पर असर
बुलेटिन के मुताबिक, बारिश का पूर्वानुमान कावेरी डेल्टा क्षेत्र तक भी फैला हुआ है। रामनाथपुरम, मदुरै, शिवगंगा, पुदुकोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर और पेरम्बलुर में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
उत्तरी तमिलनाडु में अरियालुर, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, तिरुपत्तूर, इरोड और नमक्कल जिले भी इस पूर्वानुमान के दायरे में आते हैं।
मंगलवार के लिए नया ऑरेंज अलर्ट और 35 जिलों में चेतावनी
मौसम विभाग ने मंगलवार 20 अक्टूबर के लिए तिरुनेलवेली और मदुरै में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहाँ भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मंगलवार को 35 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है — जो दर्शाता है कि बारिश का यह दौर व्यापक भौगोलिक क्षेत्र में बना रह सकता है।
मंगलवार को कोयंबटूर, नीलगिरी, इरोड, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, सलेम, धर्मपुरी और कृष्णगिरि में भी भारी वर्षा की संभावना है। उत्तरी तमिलनाडु में तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवल्लूर तथा चेन्नई और चेंगलपट्टू के लिए भी यही पूर्वानुमान है।
आम जनता और यातायात पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता अपने चरम पर होती है। चेन्नई जैसे महानगर में भारी बारिश आमतौर पर निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात अवरोध और स्कूल-कॉलेजों की बंदी का कारण बनती है।
गौरतलब है कि 2015 की चेन्नई बाढ़ इसी मौसम में आई थी, जिसने शहर को भारी नुकसान पहुँचाया था। इस पृष्ठभूमि में ऑरेंज अलर्ट को प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए सतर्कता का संकेत माना जाना चाहिए।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में लगातार दूसरे दिन भी बारिश जारी रहेगी। राज्य के उत्तरी, पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में व्यापक वर्षा की संभावना बनी हुई है। अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, खासकर डेल्टा और तटीय जिलों के लिए।