तमिलनाडु के 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, चेन्नई में आंधी-बिजली का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 21 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के 21 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र को इस मौसमी उथल-पुथल का मुख्य कारण बताया जा रहा है, जो पूरे राज्य की मौसम प्रणाली को प्रभावित कर रहा है। संवेदनशील और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कौन-से जिले हैं अलर्ट पर
नीलगिरि, कोयंबटूर, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, डिंडीगुल, पुदुक्कोट्टई, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, पेरम्बलुर, अरियालुर, कल्लाकुरिची, विल्लुपुरम और तिरुवन्नामलाई में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त शिवगंगा, तंजावुर, मदुरै, कुड्डालोर, तिरुपत्तूर, वेल्लोर और तिरुचिरापल्ली जिलों में भी इसी तरह की मौसमी स्थिति रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पश्चिमी घाट से सटे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जैसे-जैसे यह मौसम प्रणाली आगे बढ़ेगी, कुछ तटीय और अंदरूनी इलाकों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
चेन्नई के लिए विशेष पूर्वानुमान
चेन्नई में सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। शहर और आसपास के एक-दो इलाकों में अचानक तेज बारिश भी हो सकती है। 23 और 24 सितंबर 2026 को चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में मध्यम बारिश का अनुमान है।
उत्तरी तटीय क्षेत्रों में बनी उमस भरी गर्मी से इस बारिश के कारण कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालाँकि, वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि जलभराव और दृश्यता में कमी संभव है।
मछुआरों और नागरिकों के लिए सलाह
अधिकारियों ने मछुआरों और जलाशयों के पास रहने वाले नागरिकों को मौसम अलर्ट पर लगातार नज़र रखने की हिदायत दी है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बारिश की तीव्रता अलग-अलग स्थानों पर भिन्न हो सकती है और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। तूफान के दौरान पेड़ों या कमज़ोर संरचनाओं के नीचे शरण लेने से बचने को कहा गया है।
प्रशासन की तैयारियाँ
प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि तूफानी जल निकासी नालियाँ साफ रहें और जलभराव की आशंका वाले इलाकों में पंपिंग उपकरण तैनात हों। संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखने और बारिश की तीव्रता बढ़ने पर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैयार रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु पहले से ही मानसून के बाद के मौसम में प्रवेश कर रहा है और राज्य के कई हिस्सों में जल प्रबंधन एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली की गति और दिशा पर सभी की नज़र बनी रहेगी।