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क्या धान खरीद में गड़बड़ी और पीयूसीसी जुर्माने के खिलाफ 28 जनवरी को ओडिशा बंद है?

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क्या धान खरीद में गड़बड़ी और पीयूसीसी जुर्माने के खिलाफ 28 जनवरी को ओडिशा बंद है?

सारांश

कांग्रेस ने ओडिशा में धान खरीद में हो रही गड़बड़ी और पीयूसीसी के जुर्माने के खिलाफ 28 जनवरी को ओडिशा बंद का समर्थन किया है। यह बंद किसानों की समस्याओं को उजागर करने का एक प्रमुख प्रयास है। जानिए इस बंद के पीछे के कारण और इसके प्रभाव पर।

मुख्य बातें

कांग्रेस का ओडिशा बंद का समर्थन धान खरीद में गड़बड़ी का मुद्दा पीयूसीसी के तहत जुर्माना बढ़ने का विरोध बीजद का सकारात्मक दृष्टिकोण रेलवे और आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी

भुवनेश्वर, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस ने मंगलवार को ओडिशा नबा निर्माण कृषक संगठन के 28 जनवरी को ओडिशा बंद के आह्वान का खुले तौर पर समर्थन देने का ऐलान किया है। संगठन ने बताया है कि राज्य में धान की खरीद में बड़ी गड़बड़ी हो रही है, स्मार्ट मीटर की स्थापना में अव्यवस्था है, और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के नाम पर किसानों और आम जनता से अधिक जुर्माना लिया जा रहा है।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पार्टी इस बंद के साथ खड़ी है। कांग्रेस ने पहले भी राज्यभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए हैं और किसानों के मुद्दों को उठाया है। खासकर, किसानों को 150 क्विंटल से अधिक धान बेचने पर मिलने वाली इनपुट सब्सिडी के हक से वंचित किए जाने का मुद्दा और पीयूसीसी के तहत लगाए जा रहे जुर्माने कांग्रेस के विरोध का मुख्य कारण हैं।

पीसीसी अध्यक्ष भक्ता चरण दास ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों, कार्यकर्ताओं और सदस्यों से अपील की है कि वे इस बंद में पूरी तरह सहयोग दें।

वहीं, बीजू जनता दल (बीजद) ने भी इस बंद को सकारात्मक कदम बताया है। बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि यह बंद राज्य के किसान समुदाय की पीड़ा को उजागर करता है। बीजद पहले ही 2 से 17 फरवरी तक राज्यव्यापी प्रदर्शन करने और 24 फरवरी को राजधानी भुवनेश्वर में बड़ी प्रदर्शन रैली करने की योजना बना चुका है, जिसमें धान की खरीद और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को उठाया जाएगा।

नवा निर्माण कृषक संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अक्षय कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 28 जनवरी को सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक यह बंद रहेगा। इस दौरान धान मंडियों में खरीद की गड़बड़ियों और प्रदूषण प्रमाण पत्र के नाम पर लगाए जा रहे अतिरिक्त जुर्माने के खिलाफ विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे और आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल और एम्बुलेंस इस बंद से प्रभावित नहीं होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बीजद का सकारात्मक दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच किसान समुदाय की आवाज को सुनना जरूरी है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा बंद का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ओडिशा बंद का मुख्य उद्देश्य धान खरीद में हो रही गड़बड़ियों और पीयूसीसी के नाम पर अतिरिक्त जुर्माने के खिलाफ विरोध करना है।
कांग्रेस ने इस बंद का समर्थन क्यों किया?
कांग्रेस ने किसानों के मुद्दों को उठाते हुए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए इस बंद का समर्थन किया है।
बीजद का इस बंद पर क्या दृष्टिकोण है?
बीजद ने इस बंद को सकारात्मक कदम बताया है, जो किसानों की समस्याओं को उजागर करता है।
बंद के दौरान कौन-कौन सी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी?
रेलवे और आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल और एम्बुलेंस इस बंद से प्रभावित नहीं होंगी।
बंद कब और कितने समय तक रहेगा?
यह बंद 28 जनवरी को सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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