क्या 'ऑपरेशन क्लीन एयर' से उत्तर दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार होगा?
सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
- सीएक्यूएम द्वारा कचरा जलाने और फेंकने पर निगरानी रखी जा रही है।
- 65 उल्लंघन मामलों की पहचान की गई है।
- स्थानीय निकायों को समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
- वायु प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान और समाधान आवश्यक है।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के अंतर्गत उत्तर दिल्ली में शाम और रात के समय निरीक्षण अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) द्वारा संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य नगर निगम द्वारा कचरा और बायोमास के खुले में जलाने तथा फेंकने पर निगरानी रखना और वायु प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान करना है।
यह अभियान 14 जनवरी को शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक जहांगीरपुरी, शालीमार बाग और वजीरपुर में सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वाड टीमों द्वारा चलाया गया। टीमों ने क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया और सभी निरीक्षणों का जियो-टैग और समय-युक्त फोटो के माध्यम से रिकॉर्ड तैयार किया, जिसे आयोग को रिपोर्ट के रूप में सौंपा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, तीनों क्षेत्रों में कुल 65 उल्लंघन दर्ज किए गए। इसमें से 47 मामले बायोमास/कचरा जलाने से संबंधित थे और 18 मामले कचरा फेंकने से जुड़े थे। बायोमास जलाना मुख्यतः सड़क किनारे, चाय की दुकानों, दुकानों के पास और खुले स्थानों पर रात में ही देखा गया। वहीं, कचरा फेंकना और जमा होना बाजार, औद्योगिक क्षेत्रों, पार्क और सड़क किनारे के संवेदनशील स्थानों पर पाया गया।
सीएक्यूएम ने कहा कि इन मामलों से यह स्पष्ट होता है कि शाम और रात के समय सख्त निगरानी की आवश्यकता है, विशेष रूप से घनी जनसंख्या वाले क्षेत्रों और औद्योगिक क्षेत्रों में। आयोग ने जोर दिया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का सख्त पालन, कचरा उठाने और निपटान की व्यवस्था को मजबूत करना और रात में बायोमास जलाने पर रोक अवश्यम्भावी है।
स्थानीय निकायों और जिम्मेदार एजेंसियों, जिनमें दिल्ली नगर निगम और अन्य भूमि मालिक एजेंसियां शामिल हैं, को तुरंत कार्रवाई करने और समन्वय के साथ उल्लंघनों की पुनरावृत्ति रोकने की सलाह दी गई है।
सीएक्यूएम ने कहा कि 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के अंतर्गत निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से दिल्ली-एनसीआर में जारी रहेंगे, ताकि स्थानीय प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और उनका समाधान किया जा सके। आयोग सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर वायु प्रदूषण को कम करने और ग्रैप के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर कार्य कर रहा है।