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क्या भारतीय सेना ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका में सड़क कनेक्टिविटी बहाल करने में सफल हो रही है?

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क्या भारतीय सेना ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका में सड़क कनेक्टिविटी बहाल करने में सफल हो रही है?

सारांश

भारतीय सेना का ऑपरेशन 'सागर बंधु' श्रीलंका में बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए महत्वपूर्ण कदम है। किलिनोच्ची में बेली ब्रिज के सफल लॉन्च के बाद, कैंडी में नए पुल का निर्माण स्थानीय लोगों को राहत प्रदान करेगा। जानिए इस मिशन की सफलता की कहानी।

मुख्य बातें

ऑपरेशन 'सागर बंधु' श्रीलंका में सहयोग को बढ़ावा देता है।
किलिनोच्ची में बेली ब्रिज का सफल लॉन्च एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कैंडी में नए पुल का निर्माण स्थानीय लोगों को राहत प्रदान करेगा।
भारतीय सेना और श्रीलंकाई सड़क विकास प्राधिकरण के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है।
यह प्रयास भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति को साकार करता है।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में बुनियादी ढांचे की पुनर्स्थापना और सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए भारतीय सेना द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन 'सागर बंधु' के अंतर्गत एक और प्रमुख उपलब्धि ने सबका ध्यान खींचा है। भारतीय सेना के इंजीनियरों ने किलिनोच्ची, जाफना में महत्वपूर्ण डुअल कैरिजवे बेली ब्रिज को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद, अब कैंडी के केएम-21 क्षेत्र में 100 फीट लंबे बेली ब्रिज के निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया है।

इस पुल के निर्माण से बी-492 हाईवे पर बाधित संपर्क पुनः स्थापित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान मेजर जनरल रोहन मेडागोडा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) 11 डिवीजन और ब्रिगेडियर सीडी विक्रमनायका, श्रीलंकाई सेना के फील्ड चीफ इंजीनियर ने पुल निर्माण स्थल का दौरा किया।

उन्होंने दित्वाह तूफान के कारण उत्पन्न तबाही के बाद राहत और बचाव कार्यों में भारतीय सेना के सहयोग की प्रशंसा की और श्रीलंका की सहायता के लिए दिए जा रहे सहयोग को अत्यंत सराहनीय बताया।

भारतीय सेना का इंजीनियर टास्क फोर्स कोलंबो से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर में स्थित चिलाव क्षेत्र में भी सक्रिय है। यहां जवान श्रीलंका रोड डेवलपमेंट अथॉरिटीज के साथ मिलकर हाइब्रिड बेली ब्रिज के लॉन्च से पहले आवश्यक तैयारियों में सहायता कर रहे हैं। यह पुल भी क्षेत्रीय संपर्क और आवागमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "किलिनोच्ची, जाफना में महत्वपूर्ण डबल लेन बेली ब्रिज को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद, भारतीय सेना के इंजीनियरों ने बी-492 हाईवे पर कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए केएम-21, कैंडी में 100 फीट बेली ब्रिज के निर्माण के लिए साइट को बेहतर बनाने का काम शुरू कर दिया है। मेजर जनरल रोहन मेडागोडा, जीओसी 11 डिवीजन और ब्रिगेडियर सीडी विक्रमानायका, श्रीलंकाई सेना के फील्ड चीफ इंजीनियर ने ब्रिज साइट का दौरा किया, श्रीलंका को सहायता देने के लिए सैनिकों के प्रयासों और भारतीय सेना के इंजीनियरों और श्रीलंकाई सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा पुल बनाने के इस चुनौतीपूर्ण काम में दिखाए गए संयुक्त सहयोग की सराहना की।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "इंजीनियर टास्क फोर्स कोलंबो से 60 किमी उत्तर में चिलाव में हाइब्रिड बेली ब्रिज लॉन्च करने के लिए शुरुआती कामों में श्रीलंकाई सड़क विकास प्राधिकरणों की भी मदद कर रही है। यह प्रयास क्षेत्रीय सहयोग और मानवीय सहायता के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता और 'पड़ोसी पहले' नीति के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि भारतीय सेना का यह प्रयास न केवल श्रीलंका के लिए बल्कि भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह सहयोग हमारी 'पड़ोसी पहले' नीति को साकार करता है और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन 'सागर बंधु' का उद्देश्य क्या है?
ऑपरेशन 'सागर बंधु' का उद्देश्य श्रीलंका में बुनियादी ढांचे की बहाली और आपसी सहयोग को मजबूत करना है।
कहाँ पर बेली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है?
बेली ब्रिज का निर्माण कैंडी के केएम-21 क्षेत्र में किया जा रहा है।
भारतीय सेना ने किस प्रकार का पुल लॉन्च किया है?
भारतीय सेना ने किलिनोच्ची, जाफना में महत्वपूर्ण डुअल कैरिजवे बेली ब्रिज को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है।
इस पुल के निर्माण से किस प्रकार की राहत मिलेगी?
इस पुल के निर्माण से बी-492 हाईवे पर बाधित संपर्क बहाल होगा, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।
भारतीय सेना का कौन सा टास्क फोर्स चिलाव क्षेत्र में सक्रिय है?
भारतीय सेना का इंजीनियर टास्क फोर्स चिलाव क्षेत्र में हाइब्रिड बेली ब्रिज के लॉन्च के लिए तैयारी कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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