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क्या ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में चर्चा होगी? मनोज झा बोले- हर पहलू पर बात हो

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क्या ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में चर्चा होगी? मनोज झा बोले- हर पहलू पर बात हो

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में चर्चाओं का दौर शुरू होगा। मनोज झा ने कहा है कि हमें सिर्फ सरकार के नैरेटिव पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके पीछे की वास्तविकता को भी समझना चाहिए। जानिए इस महत्वपूर्ण चर्चा के छोटे-छोटे पहलुओं पर।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर पर 16-16 घंटे की चर्चा होगी।
मनोज झा ने सरकार के नैरेटिव पर सवाल उठाए।
विफलताओं की भी चर्चा आवश्यक है।
बिहार की कानून व्यवस्था पर चिंता जताई गई।
सभी पहलुओं पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में 16-16 घंटे की चर्चा आयोजित की जाएगी। राज्यसभा सांसद और राजद नेता मनोज झा ने इस मुद्दे पर कहा कि हमें केवल सरकार द्वारा प्रस्तुत नैरेटिव पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि इस घटनाक्रम की गहराई में जाकर इसके पृष्ठभूमि को भी समझना आवश्यक है।

मनोज झा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा कि हमें इसके पीछे की कहानी को देखना होगा, केवल सरकार के नैरेटिव पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पहलगाम की पीड़ा इस ऑपरेशन की नींव है, और यह पूरे देश और समाज की सामूहिक पीड़ा का परिणाम है। चर्चा केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी समझना जरूरी है कि विफलता कहां हुई। हम आज तक पुलवामा की घटना को नहीं समझ पाए हैं कि आखिर कैसे हमने इतने जवान खो दिए।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों की भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कभी व्यापार की धमकी दी, कभी कुछ और। हर पहलू पर चर्चा होनी चाहिए कि चूक कहां हुई, और हम वैश्विक मंचों पर मित्रविहीन क्यों नजर आए।

मनोज झा ने एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को शामिल करने के सवाल पर कहा कि यदि सरकार का विचार है, तो कोई आपत्ति नहीं, लेकिन इसे पूरी पृष्ठभूमि के साथ जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि संविधान की प्रस्तावना के साथ-साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर की 'एनिहिलेशन ऑफ कास्ट' का संक्षिप्त प्रारूप हर बच्चे को पढ़ाया जाए। यदि यह देश समतामूलक बनना चाहता है और न्याय में भरोसा बनाए रखना चाहता है, तो यह अत्यंत आवश्यक है।

बिहार की कानून व्यवस्था पर एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान ने सवाल उठाया कि क्या एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा? इस पर उन्होंने कहा कि एनडीए को अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। बिहार की कानून-व्यवस्था मेरी चिंता है। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान केंद्र सरकार में मंत्री हैं और प्रधानमंत्री मोदी के 'हनुमान' कहे जाते हैं। उन्हें पीएम मोदी को फोन करके कहना चाहिए कि जैसे बंगाल में फैक्ट फाइंडिंग टीम भेजी जाती है, वैसी ही एक टीम बिहार भेजी जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना महत्वपूर्ण है कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर चर्चा न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज और देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें हर पहलू को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य ऑपरेशन है जो भारत की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से संबंधित है।
मनोज झा का इस पर क्या कहना है?
मनोज झा ने कहा है कि हमें केवल सरकार के नैरेटिव पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके पृष्ठभूमि को भी समझना चाहिए।
संसद में चर्चा कब होगी?
संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर 16-16 घंटे की चर्चा होगी।
क्या यह चर्चा केवल उपलब्धियों पर होगी?
नहीं, मनोज झा का मानना है कि विफलताओं पर भी चर्चा होना चाहिए।
कानून व्यवस्था पर चिराग पासवान का क्या कहना है?
उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था पर चिंता जताई है और एनडीए से सवाल उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
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