क्या पालघर में 'कश्मीर बनेगा पाकिस्तान' गाना बजाने वाला युवक गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- पालघर में गाने की घटना से तनाव का माहौल बना।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार किया।
- ऐसे कृत्य देश की एकता के खिलाफ माने जाते हैं।
- स्थानीय लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस को सौंपा।
- मामले की जांच जारी है।
पालघर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पालघर जिले के चिंचोटी क्षेत्र में उस समय बड़ा तनाव उत्पन्न हो गया, जब दुर्गा माता मंदिर के निकट एक सैलून में देशविरोधी नारे
पुलिस के अनुसार, नायगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर पंकज किल्जे दोपहर लगभग 1:30 बजे एक निजी वाहन से गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने चिंचोटी के करमदपाड़ा इलाके में दुर्गा माता मंदिर के सामने स्थित रुहान हेयर कटिंग सैलून से तेज आवाज में 'कश्मीर बनेगा पाकिस्तान' गाना सुनाई दिया। यह गाना लाउडस्पीकर के माध्यम से सड़क तक सुनाई दे रहा था, जिससे आस-पास के लोगों में आक्रोश फैल गया।
जांच के लिए जब एसआई किल्जे सैलून के अंदर गए, तो वहां करमदपाड़ा निवासी और सैलून कर्मचारी गुलजारी राजू शर्मा (51) तथा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के गौरी सिराजपुर गांव का निवासी अब्दुल रहमान सदरुद्दीन शाह (25) मौजूद थे। पुलिस की जांच में यह पता चला कि शाह अपने टेक्नो स्पार्क गो 2021 मोबाइल फोन से यूट्यूब ऐप के जरिए यह गाना ब्लूटूथ के माध्यम से सैलून के स्पीकर पर चला रहा था।
स्थानीय लोगों ने गाने की आवाज सुनकर युवक को पकड़ लिया और बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने युवक के मोबाइल की जांच की तो उस पर वही आपत्तिजनक गाना पाया गया, जिसे सार्वजनिक स्थान पर बजाया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि इस तरह का कृत्य देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ है और इससे सार्वजनिक शांति भंग होने के साथ-साथ लोगों के बीच दुश्मनी और नफरत फैलने की आशंका थी। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया।
इस मामले में नायगांव पुलिस ने अब्दुल रहमान सदरुद्दीन शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 197(1)(डी) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है। एफआईआर में सैलून कर्मचारी गुलजारी राजू शर्मा के खिलाफ किसी भी तरह की आपराधिक भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया है।