पंचकूला मुठभेड़: लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो संदिग्ध घायल, ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास पुलिस पर 5 गोलियाँ चलाईं
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पंचकूला में 13 अक्टूबर 2026 की रात ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पीछे पुलिस और दो कथित बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों संदिग्धों के बाएँ पैर में गोली लगी। पुलिस के अनुसार, दोनों घायलों को तत्काल सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध सेक्टर-3 के आसपास घूम रहे हैं, जिसके बाद नाकाबंदी की व्यवस्था की गई। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो युवक वहाँ पहुँचे। पुलिस टीम को देखते ही दोनों ने भागने का प्रयास किया।
पुलिस के दावे के अनुसार, भागने के दौरान दोनों ने पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से पाँच गोलियाँ चलाईं। इनमें से एक गोली पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी और दूसरी पुलिस की सरकारी गाड़ी में जा धँसी। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों संदिग्ध घायल हो गए।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
घायल युवकों की पहचान अर्शदीप सिंह और जुगराज सिंह के रूप में हुई है। दोनों पंजाब के अमृतसर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मौके से पुलिस ने दो पिस्टल बरामद की हैं। हालाँकि, बरामद हथियारों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जाँच अभी जारी है।
पुलिस का दावा है कि दोनों संदिग्धों के संबंध लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग से हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों कथित तौर पर ट्राइसिटी क्षेत्र में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से घूम रहे थे। हालाँकि, वे किस वारदात की योजना बना रहे थे और उनका संभावित निशाना कौन था, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
जाँच और कानूनी कार्रवाई
मुठभेड़ के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए। मामले में सेक्टर-20 थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, हथियारों के स्रोत और कथित आपराधिक साजिश की पूरी परतें उघाड़ने की कोशिश कर रही है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियाँ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि यह गैंग पिछले कुछ वर्षों में हाई-प्रोफाइल घटनाओं से जुड़ी रही है, और ट्राइसिटी क्षेत्र में इसके नेटवर्क को लेकर पुलिस पहले भी सतर्क रही है। पुलिस जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों आरोपी पंचकूला में किस उद्देश्य से आए थे।