5 जुलाई 2026
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बहादुरगढ़ मुठभेड़: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर प्रवेश और हिमांशु ढेर, एक पुलिसकर्मी घायल

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बहादुरगढ़ मुठभेड़: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर प्रवेश और हिमांशु ढेर, एक पुलिसकर्मी घायल

सारांश

बहादुरगढ़ में एसटीएफ और काउंटर इंटेलीजेंस की संयुक्त कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो इनामी शूटर — प्रवेश और हिमांशु — ढेर कर दिए गए। हांसी में जिम संचालक कपिल की हत्या से जुड़े इस मामले में दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।

मुख्य बातें

बहादुरगढ़ में 5 जुलाई 2026 को हुई मुठभेड़ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर प्रवेश और हिमांशु मारे गए।
दोनों शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और आर्म्स एक्ट व धारा 302 के पुराने मुकदमे दर्ज थे।
दोनों हांसी में जिम संचालक कपिल की हत्या के मुख्य आरोपी थे।
चार पुलिसकर्मियों को बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी; एक जवान के पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ।
यह ऑपरेशन काउंटर इंटेलीजेंस दिल्ली स्पेशल सेल और एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट का संयुक्त अभियान था।

हरियाणा के बहादुरगढ़ में 5 जुलाई 2026 को पुलिस और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में गैंग के दो कुख्यात शूटर — प्रवेश और हिमांशु — मारे गए। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और इन पर आर्म्स एक्ट तथा धारा 302 के तहत पहले से मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ में पुलिस का एक जवान पैर में गोली लगने से घायल हो गया।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विक्रांत भूषण ने बताया कि पिछले महीने हांसी में दो अज्ञात हमलावरों ने कपिल नामक एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जो वहाँ जिम चलाता था। इस हत्याकांड में सिटी हांसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जाँच के दौरान प्रवेश और हिमांशु को मुख्य शूटर के रूप में चिह्नित किया गया और दोनों पर इनाम घोषित किया गया।

खुफिया जानकारी और संयुक्त अभियान

काउंटर इंटेलीजेंस दिल्ली स्पेशल सेल यूनिट को मिली सूचना एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट के साथ साझा की गई। दोनों यूनिटों की संयुक्त जाँच में पता चला कि दोनों शूटरों के पास आधुनिक हथियार और गोला-बारूद हैं और वे बहादुरगढ़ क्षेत्र में हमले की फिराक में थे। इसके बाद संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई गई।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

एसपी एसटीएफ विक्रांत भूषण के अनुसार, जब पुलिस टीम ने दोनों शूटरों को घेरा, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में स्पेशल स्टाफ काउंटर-इंटेलिजेंस और एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट ने जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी के दौरान चार पुलिसकर्मियों को बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे वे बच गए, जबकि एक जवान के पैर में गोली लगी।

शूटरों की मौत और पुलिसकर्मी का उपचार

मुठभेड़ के बाद गंभीर रूप से घायल प्रवेश और हिमांशु को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रेफर किया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों मारे गए शूटर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य थे।

आगे की जाँच

यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ हरियाणा और दिल्ली पुलिस का अभियान तेज हो रहा है। गौरतलब है कि इस गैंग पर देश के कई राज्यों में हत्या और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। जाँच एजेंसियाँ अब गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि गैंग का नेटवर्क जेल के भीतर से संचालित होने के बावजूद लगातार सक्रिय बना हुआ है। हांसी जैसे छोटे शहरों में निशाना बनाए जा रहे आम नागरिक इस बात के संकेत हैं कि गैंग अब केवल हाई-प्रोफाइल टारगेट तक सीमित नहीं। असली सवाल यह है कि क्या एनकाउंटर-केंद्रित रणनीति गैंग की भर्ती श्रृंखला को तोड़ पाएगी, या नए शूटर उनकी जगह लेते रहेंगे।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बहादुरगढ़ मुठभेड़ में कौन मारे गए?
मुठभेड़ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर — प्रवेश और हिमांशु — मारे गए। दोनों हांसी में जिम संचालक कपिल की हत्या के मुख्य आरोपी थे और दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
यह मुठभेड़ किस मामले से जुड़ी थी?
यह मुठभेड़ हांसी में जिम संचालक कपिल की हत्या से जुड़ी थी, जिसे पिछले महीने दो अज्ञात हमलावरों ने अंजाम दिया था। सिटी हांसी पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले की जाँच में प्रवेश और हिमांशु की पहचान मुख्य शूटर के रूप में हुई थी।
मुठभेड़ में पुलिस को कितना नुकसान हुआ?
मुठभेड़ के दौरान चार पुलिसकर्मियों को बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे वे बच गए। हालाँकि एक जवान के पैर में गोली लगी और उसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रेफर किया गया।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
यह काउंटर इंटेलीजेंस दिल्ली स्पेशल सेल यूनिट और एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट का संयुक्त अभियान था। खुफिया जानकारी पहले दिल्ली सेल को मिली, जिसे बाद में एसटीएफ बहादुरगढ़ के साथ साझा कर संयुक्त कार्रवाई की गई।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग क्या है?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक संगठित अपराध नेटवर्क है, जिस पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में हत्या, जबरन वसूली और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। मारे गए दोनों शूटरों पर भी आर्म्स एक्ट और धारा 302 के तहत पहले से मुकदमे दर्ज थे।
राष्ट्र प्रेस
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