बहादुरगढ़ मुठभेड़: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर प्रवेश और हिमांशु ढेर, एक पुलिसकर्मी घायल
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के बहादुरगढ़ में 5 जुलाई 2026 को पुलिस और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में गैंग के दो कुख्यात शूटर — प्रवेश और हिमांशु — मारे गए। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और इन पर आर्म्स एक्ट तथा धारा 302 के तहत पहले से मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ में पुलिस का एक जवान पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विक्रांत भूषण ने बताया कि पिछले महीने हांसी में दो अज्ञात हमलावरों ने कपिल नामक एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जो वहाँ जिम चलाता था। इस हत्याकांड में सिटी हांसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जाँच के दौरान प्रवेश और हिमांशु को मुख्य शूटर के रूप में चिह्नित किया गया और दोनों पर इनाम घोषित किया गया।
खुफिया जानकारी और संयुक्त अभियान
काउंटर इंटेलीजेंस दिल्ली स्पेशल सेल यूनिट को मिली सूचना एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट के साथ साझा की गई। दोनों यूनिटों की संयुक्त जाँच में पता चला कि दोनों शूटरों के पास आधुनिक हथियार और गोला-बारूद हैं और वे बहादुरगढ़ क्षेत्र में हमले की फिराक में थे। इसके बाद संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
एसपी एसटीएफ विक्रांत भूषण के अनुसार, जब पुलिस टीम ने दोनों शूटरों को घेरा, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में स्पेशल स्टाफ काउंटर-इंटेलिजेंस और एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट ने जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी के दौरान चार पुलिसकर्मियों को बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे वे बच गए, जबकि एक जवान के पैर में गोली लगी।
शूटरों की मौत और पुलिसकर्मी का उपचार
मुठभेड़ के बाद गंभीर रूप से घायल प्रवेश और हिमांशु को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रेफर किया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों मारे गए शूटर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य थे।
आगे की जाँच
यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ हरियाणा और दिल्ली पुलिस का अभियान तेज हो रहा है। गौरतलब है कि इस गैंग पर देश के कई राज्यों में हत्या और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। जाँच एजेंसियाँ अब गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।