झज्जर मेडिकल स्टोर फायरिंग: दिल्ली पुलिस ने जोरा गैंग के शूटर चिराग को रोहिणी से दबोचा

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झज्जर मेडिकल स्टोर फायरिंग: दिल्ली पुलिस ने जोरा गैंग के शूटर चिराग को रोहिणी से दबोचा

सारांश

दुबई से गैंग चला रहे गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा का शूटर चिराग, जो झज्जर मेडिकल स्टोर पर फायरिंग के बाद फरार था, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के जाल में फंस गया। रोहिणी में हुई इस गिरफ्तारी में सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल भी बरामद हुई।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने रोहिणी से जोरा गैंग के शूटर चिराग उर्फ सचिन (22) को गिरफ्तार किया।
चिराग 5 मई को झज्जर के एक मेडिकल स्टोर पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग में वांछित था।
गिरफ्तारी के समय उसके पास से सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा कथित तौर पर दुबई से गैंग का संचालन कर रहा है।
ऑपरेशन एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में स्पेशल सेल नॉर्दर्न रेंज और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
मामले में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत झज्जर के सिटी थाना में मुकदमा दर्ज है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 मई 2026 को गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा के सक्रिय शूटर को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। आरोपी हरियाणा के झज्जर जिले में एक मेडिकल स्टोर पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग के मामले में लंबे समय से फरार था। गिरफ्तारी रोहिणी इलाके में चलाए गए एक सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान हुई।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार शूटर की पहचान चिराग उर्फ सचिन (उम्र 22 वर्ष) के रूप में हुई है। वह हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा का निवासी है। पुलिस के अनुसार, चिराग ने केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और 2020 से 2022 के बीच खरखौदा में एक जनरल स्टोर पर काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान मोहित उर्फ चंद के ज़रिए सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से गैंगस्टर नवीन डबास से हुई।

झज्जर फायरिंग की घटना

स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्य के अनुसार, चिराग ने अपने साथियों मोहित उर्फ चंद और जतिन के साथ मिलकर 5 मई को झज्जर के एक मेडिकल स्टोर पर फायरिंग की थी। इस घटना का मकसद दुकान मालिक से रंगदारी वसूलना था। फायरिंग के बाद गैंगस्टर नवीन डबास ने कथित तौर पर मेडिकल स्टोर मालिक को फोन कर सीधे धमकी भी दी थी।

घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने झज्जर के सिटी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जब मोहित और जतिन को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, तब चिराग फरार हो गया और लगातार गैंगस्टर के संपर्क में बना रहा।

ऑपरेशन और गिरफ्तारी

जांच के दौरान स्पेशल सेल को 12 मई को सूचना मिली कि जोरा गैंग का एक शूटर अवैध हथियार लेकर रोहिणी इलाके में आने वाला है। इस सूचना पर एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर मंदीप और इंस्पेक्टर जयबीर की टीम ने जाल बिछाया और चिराग को दबोच लिया।

गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। यह संयुक्त ऑपरेशन स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज और एसटीएफ की टीम ने मिलकर अंजाम दिया।

दुबई से चल रहा है गैंग का संचालन

पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा कथित तौर पर दुबई से अपने गैंग का संचालन कर रहा है। जांच में सामने आया कि जोरा ने चिराग को दिल्ली जाकर आगे के निर्देश मिलने तक इंतजार करने के लिए कहा था, लेकिन उससे पहले ही स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें विदेश में बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में युवाओं को भर्ती कर अपराध करवाते हैं।

आगे की जांच

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। गैंग के शेष सक्रिय सदस्यों की तलाश जारी है और जांच अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक नए शूटर भर्ती होते रहेंगे। स्पेशल सेल की सफलता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन गैंगस्टरों के विदेशी ठिकानों और वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना प्रभावी है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झज्जर रंगदारी फायरिंग मामला क्या है?
5 मई को हरियाणा के झज्जर जिले में एक मेडिकल स्टोर पर जोरा गैंग के सदस्यों ने रंगदारी वसूलने के इरादे से फायरिंग की थी। घटना के बाद गैंगस्टर नवीन डबास ने दुकान मालिक को फोन पर धमकी भी दी थी।
गिरफ्तार शूटर चिराग कौन है और उसका जोरा गैंग से क्या संबंध है?
चिराग उर्फ सचिन (22) हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, उसकी पहचान 2020-22 के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर नवीन डबास से हुई और वह गैंग के लिए सक्रिय शूटर के तौर पर काम कर रहा था।
दिल्ली पुलिस ने चिराग को कैसे पकड़ा?
12 मई को स्पेशल सेल को सूचना मिली कि जोरा गैंग का एक शूटर अवैध हथियार लेकर रोहिणी आने वाला है। एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर मंदीप और इंस्पेक्टर जयबीर की टीम ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया।
गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा कहाँ से गैंग चला रहा है?
पुलिस के अनुसार, नवीन डबास उर्फ जोरा कथित तौर पर दुबई से अपने गैंग का संचालन कर रहा है। वह सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में सक्रिय शूटरों को निर्देश देता है।
इस मामले में कितने आरोपी अब तक गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक तीन आरोपी — मोहित उर्फ चंद, जतिन और चिराग उर्फ सचिन — को गिरफ्तार किया जा चुका है। मोहित और जतिन को हरियाणा पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था, जबकि चिराग को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने रोहिणी से दबोचा।
राष्ट्र प्रेस
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