झज्जर मेडिकल स्टोर फायरिंग: दिल्ली पुलिस ने जोरा गैंग के शूटर चिराग को रोहिणी से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 मई 2026 को गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा के सक्रिय शूटर को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। आरोपी हरियाणा के झज्जर जिले में एक मेडिकल स्टोर पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग के मामले में लंबे समय से फरार था। गिरफ्तारी रोहिणी इलाके में चलाए गए एक सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान हुई।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार शूटर की पहचान चिराग उर्फ सचिन (उम्र 22 वर्ष) के रूप में हुई है। वह हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा का निवासी है। पुलिस के अनुसार, चिराग ने केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और 2020 से 2022 के बीच खरखौदा में एक जनरल स्टोर पर काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान मोहित उर्फ चंद के ज़रिए सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से गैंगस्टर नवीन डबास से हुई।
झज्जर फायरिंग की घटना
स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्य के अनुसार, चिराग ने अपने साथियों मोहित उर्फ चंद और जतिन के साथ मिलकर 5 मई को झज्जर के एक मेडिकल स्टोर पर फायरिंग की थी। इस घटना का मकसद दुकान मालिक से रंगदारी वसूलना था। फायरिंग के बाद गैंगस्टर नवीन डबास ने कथित तौर पर मेडिकल स्टोर मालिक को फोन कर सीधे धमकी भी दी थी।
घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने झज्जर के सिटी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जब मोहित और जतिन को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, तब चिराग फरार हो गया और लगातार गैंगस्टर के संपर्क में बना रहा।
ऑपरेशन और गिरफ्तारी
जांच के दौरान स्पेशल सेल को 12 मई को सूचना मिली कि जोरा गैंग का एक शूटर अवैध हथियार लेकर रोहिणी इलाके में आने वाला है। इस सूचना पर एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर मंदीप और इंस्पेक्टर जयबीर की टीम ने जाल बिछाया और चिराग को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। यह संयुक्त ऑपरेशन स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज और एसटीएफ की टीम ने मिलकर अंजाम दिया।
दुबई से चल रहा है गैंग का संचालन
पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा कथित तौर पर दुबई से अपने गैंग का संचालन कर रहा है। जांच में सामने आया कि जोरा ने चिराग को दिल्ली जाकर आगे के निर्देश मिलने तक इंतजार करने के लिए कहा था, लेकिन उससे पहले ही स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें विदेश में बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में युवाओं को भर्ती कर अपराध करवाते हैं।
आगे की जांच
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। गैंग के शेष सक्रिय सदस्यों की तलाश जारी है और जांच अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।