झज्जर मेडिकल स्टोर फायरिंग: जोरा गैंग का शूटर चिराग दिल्ली के रोहिणी से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 12 मई 2026 को रोहिणी इलाके में चलाए गए एक सटीक ऑपरेशन में गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा गैंग के सक्रिय शूटर चिराग उर्फ सचिन को गिरफ्तार किया। 22 वर्षीय चिराग हरियाणा के झज्जर जिले में एक मेडिकल स्टोर पर 5 मई को की गई रंगदारी फायरिंग के सिलसिले में वांछित था। उसके कब्जे से एक आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज और एसटीएफ की संयुक्त टीम को 12 मई को गुप्त सूचना मिली कि जोरा गैंग का एक शूटर अवैध हथियार के साथ रोहिणी इलाके में आने वाला है। इस सूचना पर एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर मंदीप और इंस्पेक्टर जयबीर की टीम ने जाल बिछाया और चिराग को दबोच लिया।
झज्जर फायरिंग की पूरी कहानी
स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्य के अनुसार, चिराग ने अपने साथियों मोहित उर्फ चंद और जतिन के साथ मिलकर 5 मई को झज्जर के एक मेडिकल स्टोर पर फायरिंग की थी, जिसका मकसद दुकान मालिक से रंगदारी वसूलना था। फायरिंग के बाद गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा ने स्वयं मेडिकल स्टोर मालिक को फोन कर धमकी दी। इस घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने झज्जर के सिटी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
आरोपी की पृष्ठभूमि
चिराग सोनीपत जिले के खरखौदा का रहने वाला है और 10वीं तक पढ़ा है। 2020 से 2022 के बीच वह खरखौदा में एक जनरल स्टोर पर काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान मोहित उर्फ चंद के जरिए सोशल मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर नवीन डबास से हुई। जब मोहित और जतिन को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, तो चिराग फरार हो गया और गैंगस्टर के निरंतर संपर्क में बना रहा।
दुबई से संचालित गैंग का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ जोरा कथित तौर पर दुबई से बैठकर गैंग का संचालन कर रहा है। जोरा ने चिराग को निर्देश दिया था कि वह दिल्ली जाकर आगे के आदेशों का इंतजार करे — लेकिन स्पेशल सेल ने उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उस बढ़ते चलन को उजागर करता है जहाँ संगठित अपराध के सरगना विदेश में बैठकर देश के भीतर शूटरों को निर्देशित कर रहे हैं।
आगे की जाँच
गिरफ्तार चिराग से पूछताछ जारी है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। इस मामले में जोरा गैंग के और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।