दनकौर में लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह से मुठभेड़, दो बदमाश गोली लगने से घायल
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में 15 अगस्त को पुलिस और एक संगठित लुटेरे गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। यह गिरोह अनजान यात्रियों को कार में लिफ्ट देकर बंधक बनाता था और डरा-धमकाकर उनसे ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराता था। पुलिस ने दोनों घायल आरोपियों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया है।
मुठभेड़ की पूरी घटना
15 अगस्त को थाना दनकौर पुलिस को पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को कार में बैठाकर बंधक बना लिया गया है और उससे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए गए हैं। पुलिस ने तत्काल कॉलर से संपर्क किया और जानकारी जुटाई। पता चला कि हेमेन्द्र पुत्र जगन सिंह, निवासी धौलपुर, राजस्थान, उम्र करीब 27 वर्ष, दनकौर क्षेत्र की एक निजी यूनिवर्सिटी के पास आगरा-धौलपुर मार्ग पर वाहन का इंतजार कर रहा था।
इसी दौरान एक आई-20 कार में सवार कुछ युवकों ने उसे लिफ्ट देने का नाटक किया। आरोप है कि रास्ते में उसे डरा-धमकाकर बंधक बना लिया गया और उससे ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसके अलावा, जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जीरो प्वाइंट से एक अन्य युवक नमन पुत्र राघवेंद्र, निवासी कानपुर नगर, उम्र 18 वर्ष, को भी इसी तरह कार में बैठाया था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही थाना दनकौर पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर आई-20 कार की तलाश शुरू की। पुलिस और पीआरवी कर्मियों ने कार की पहचान कर उसका पीछा किया। पुलिस के अनुसार, कार को अंडरपास के पास रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन खुद को घिरता देख आरोपी कार से उतरकर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों की पहचान अभिनय पल्लव पुत्र धनंजय कुमार, निवासी महमदपुर, थाना काको, जहानाबाद, बिहार, उम्र 24 वर्ष और सत्यम सिंह पुत्र अरुण कुमार, निवासी भउआपुर मस्तान नगर, थाना सिम्भावली, हापुड़, उम्र 22 वर्ष के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों पीड़ितों — हेमेन्द्र और नमन — को सकुशल मुक्त करा लिया।
बरामद सामग्री
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से .315 बोर के दो तमंचे, दो खोखे और पाँच जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फोन, लूटे गए ₹10,000 नकद और एक अवैध चाकू बरामद किए। आई-20 कार भी जब्त की गई है।
जांच का दायरा
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। बरामद चार मोबाइल फोन की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की वारदातें की हैं या नहीं और गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।