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दिल्ली पुलिस मुठभेड़: नंदू गिरोह के दो वांछित बदमाश गिरफ्तार, टिकरी कलां में हुई गोलीबारी

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दिल्ली पुलिस मुठभेड़: नंदू गिरोह के दो वांछित बदमाश गिरफ्तार, टिकरी कलां में हुई गोलीबारी

सारांश

दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला विशेष स्टाफ ने टिकरी कलां में मुठभेड़ के बाद नंदू गिरोह के दो इनामी बदमाशों को दबोचा। दोनों ने पुलिस पर गोली चलाई, जवाबी फायरिंग में पैरों में घायल हुए। दो पिस्तौल और कारतूस बरामद।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला विशेष स्टाफ ने 20 जुलाई को टिकरी कलां में मुठभेड़ के बाद नंदू गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी रोहित उर्फ चीरा और प्रवीण उर्फ पिंकी पर ₹50,000-₹50,000 का इनाम घोषित था।
दोनों हरियाणा के बहादुरगढ़ में दर्ज गोलीबारी के मामले में वांछित थे; रोहित नरेला थाने के मामले में पैरोल जंपर भी था।
पुलिस ने दो ऑटोमैटिक पिस्तौल , तीन जिंदा और चार खाली कारतूस बरामद किए।
कॉन्स्टेबल अनुज और कॉन्स्टेबल हरकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियाँ लगीं, दोनों सुरक्षित रहे।
दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी; अस्पताल में भर्ती, मुंडका थाने में एफआईआर दर्ज।

दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला विशेष स्टाफ ने 20 जुलाई को टिकरी कलां स्थित पीवीसी रोड पर मुठभेड़ के बाद कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित उर्फ चीरा और प्रवीण उर्फ पिंकी के रूप में हुई है, जिन पर ₹50,000-₹50,000 का नकद इनाम घोषित था। गोलीबारी के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार को विशेष स्टाफ को गुप्त सूचना मिली कि नंदू गैंग के दोनों सदस्य एक साथी से मिलने के लिए पीवीसी रोड, टिकरी कलां पहुँचने वाले हैं और उनके पास अवैध हथियार हो सकते हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने रणनीतिक जाल बिछाया और बताई गई जगह पर छापा मारा।

जब दोनों संदिग्धों को सरेंडर करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश में पुलिस टीम पर गोलियाँ चला दीं। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिससे दोनों तरफ से गोलीबारी हुई।

पुलिसकर्मी सुरक्षित, आरोपी घायल

गोलीबारी के दौरान कॉन्स्टेबल अनुज और कॉन्स्टेबल हरकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर दो गोलियाँ लगीं, लेकिन दोनों सुरक्षित रहे। वहीं, जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में उन्हें गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बरामदगी और एफआईआर

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो ऑटोमैटिक पिस्तौल, चार खाली कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके बाद मुंडका पुलिस स्टेशन में दोनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ सिटी पुलिस स्टेशन में दर्ज गोलीबारी के एक मामले में वांछित थे। इसके अलावा, रोहित उर्फ चीरा नरेला पुलिस स्टेशन, दिल्ली में दर्ज मामले में पैरोल जंपर भी था। पुलिस अब दोनों के विस्तृत आपराधिक इतिहास की जाँच कर रही है।

आगे की कार्रवाई

गौरतलब है कि नंदू गिरोह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में पुलिस के रडार पर रहा है। इस गिरफ्तारी से जाँच एजेंसियों को गिरोह के नेटवर्क को और उजागर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इनामी और पैरोल जंपर आरोपी इतने समय तक फरार कैसे रहे। नंदू गिरोह जैसे नेटवर्क का राज्य की सीमाओं के पार संचालन — दिल्ली और हरियाणा दोनों में मामले — अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय की कमज़ोरियों को उजागर करता है। बुलेटप्रूफ जैकेट ने दो पुलिसकर्मियों की जान बचाई, जो उपकरण निवेश की अहमियत रेखांकित करता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने टिकरी कलां मुठभेड़ में किसे गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला विशेष स्टाफ ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के दो सदस्यों — रोहित उर्फ चीरा और प्रवीण उर्फ पिंकी — को गिरफ्तार किया। दोनों पर ₹50,000-₹50,000 का इनाम घोषित था और वे हरियाणा के बहादुरगढ़ में दर्ज गोलीबारी के मामले में वांछित थे।
टिकरी कलां मुठभेड़ में क्या हुआ?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों बदमाश पीवीसी रोड, टिकरी कलां पर आएँगे। जब पुलिस ने सरेंडर करने को कहा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या मुठभेड़ में कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ?
कॉन्स्टेबल अनुज और कॉन्स्टेबल हरकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर दो गोलियाँ लगीं, लेकिन दोनों सुरक्षित रहे। आरोपियों की गोलियाँ जैकेट से रुक गईं और कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों पर कौन-से मामले दर्ज हैं?
दोनों हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ सिटी पुलिस स्टेशन में दर्ज गोलीबारी के मामले में वांछित थे। इसके अलावा रोहित उर्फ चीरा दिल्ली के नरेला पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पैरोल जंपर भी था। मुठभेड़ के बाद मुंडका थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की गई है।
पुलिस ने मुठभेड़ में क्या बरामद किया?
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो ऑटोमैटिक पिस्तौल, चार खाली कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस अब दोनों के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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