नोएडा में लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, मोबाइल अनलॉक कर उड़ाते थे बैंक खाते का पैसा
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने 30 जून 2026 को एक शातिर लुटेरे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो राह चलते लोगों को कार में लिफ्ट देने के बहाने बैठाकर उनका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूट लेते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को धमकाकर उनके मोबाइल का लॉक खुलवाते थे और मोबाइल बैंकिंग के ज़रिए उनके बैंक खातों से अपने खातों में रकम ट्रांसफर कर लेते थे।
मुख्य घटनाक्रम
29 जून 2026 को सेक्टर-49 थाने में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि सेक्टर-50 क्षेत्र में कुछ लोगों ने उसे अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन, चार्जर, पावर बैंक और नकदी छीन ली। पीड़ित को धमकाकर उसके मोबाइल का लॉक खुलवाया गया और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से उसके बैंक खाते से आरोपियों के खातों में धनराशि स्थानांतरित कर ली गई।
शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-49 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की गई। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से 30 जून 2026 को सेक्टर-50 के सामने से चारों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित, नितिन, विवेक और ऋषि के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-141 में रह रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आपस में मित्र हैं और पहले दिल्ली-एनसीआर में कार चलाने तथा मजदूरी का काम करते थे। जल्दी और अवैध तरीके से पैसा कमाने के लालच में उन्होंने इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।
गिरोह का तरीकाकार
आरोपी राह चलते लोगों को लिफ्ट देने का झाँसा देकर अपनी कार में बैठाते थे। इसके बाद उनका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान छीन लेते थे। यदि मोबाइल में बैंकिंग ऐप मौजूद होता था, तो पीड़ित को डराकर उसका लॉक खुलवाते और उसके बैंक खाते से अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल बैंकिंग की बढ़ती पहुँच के साथ इस प्रकार के साइबर-सहायक लूट के मामले एनसीआर क्षेत्र में चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
बरामद सामान
आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का लूटा गया आईफोन-16, स्मार्ट वॉच, चार्जर, आधार कार्ड, ₹2,300 नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है।
आगे की जाँच
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जाँच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने नोएडा, दिल्ली या एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।