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नोएडा में लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, मोबाइल अनलॉक कर उड़ाते थे बैंक खाते का पैसा

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नोएडा में लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, मोबाइल अनलॉक कर उड़ाते थे बैंक खाते का पैसा

सारांश

नोएडा पुलिस ने लिफ्ट के बहाने कार में बैठाकर लूटपाट करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपी पीड़ितों को धमकाकर मोबाइल अनलॉक कराते और मोबाइल बैंकिंग से खाते खाली कर देते थे। सभी मूल रूप से फिरोजाबाद के हैं।

मुख्य बातें

नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने 30 जून 2026 को लिफ्ट देकर लूट करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी — अमित, नितिन, विवेक और ऋषि — मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के निवासी हैं।
आरोपी पीड़ितों को लिफ्ट का झाँसा देकर कार में बैठाते, मोबाइल-नकदी लूटते और मोबाइल बैंकिंग से बैंक खाते खाली करते थे।
पीड़ित का आईफोन-16 , स्मार्ट वॉच, आधार कार्ड, ₹2,300 नकद और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद।
पुलिस नोएडा, दिल्ली और एनसीआर में गिरोह की अन्य वारदातों की जाँच कर रही है।

नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने 30 जून 2026 को एक शातिर लुटेरे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो राह चलते लोगों को कार में लिफ्ट देने के बहाने बैठाकर उनका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूट लेते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को धमकाकर उनके मोबाइल का लॉक खुलवाते थे और मोबाइल बैंकिंग के ज़रिए उनके बैंक खातों से अपने खातों में रकम ट्रांसफर कर लेते थे।

मुख्य घटनाक्रम

29 जून 2026 को सेक्टर-49 थाने में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि सेक्टर-50 क्षेत्र में कुछ लोगों ने उसे अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन, चार्जर, पावर बैंक और नकदी छीन ली। पीड़ित को धमकाकर उसके मोबाइल का लॉक खुलवाया गया और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से उसके बैंक खाते से आरोपियों के खातों में धनराशि स्थानांतरित कर ली गई।

शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-49 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की गई। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से 30 जून 2026 को सेक्टर-50 के सामने से चारों आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित, नितिन, विवेक और ऋषि के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-141 में रह रहा था।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आपस में मित्र हैं और पहले दिल्ली-एनसीआर में कार चलाने तथा मजदूरी का काम करते थे। जल्दी और अवैध तरीके से पैसा कमाने के लालच में उन्होंने इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।

गिरोह का तरीकाकार

आरोपी राह चलते लोगों को लिफ्ट देने का झाँसा देकर अपनी कार में बैठाते थे। इसके बाद उनका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान छीन लेते थे। यदि मोबाइल में बैंकिंग ऐप मौजूद होता था, तो पीड़ित को डराकर उसका लॉक खुलवाते और उसके बैंक खाते से अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल बैंकिंग की बढ़ती पहुँच के साथ इस प्रकार के साइबर-सहायक लूट के मामले एनसीआर क्षेत्र में चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

बरामद सामान

आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का लूटा गया आईफोन-16, स्मार्ट वॉच, चार्जर, आधार कार्ड, ₹2,300 नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है।

आगे की जाँच

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जाँच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने नोएडा, दिल्ली या एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अपराधी मोबाइल को तिजोरी की चाबी की तरह इस्तेमाल करते हैं। गौरतलब है कि एनसीआर में इस प्रकार के 'लिफ्ट-और-लूट' गिरोह बार-बार सामने आते हैं, फिर भी सार्वजनिक जागरूकता अभियान सीमित रहते हैं। असली सवाल यह है कि बैंकिंग ऐप निर्माता और नियामक जबरदस्ती में किए गए ट्रांसफर को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय क्यों नहीं दे पा रहे — जैसे कि 'डिस्ट्रेस पिन' या ट्रांसफर में अनिवार्य विलंब।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में लिफ्ट देकर लूट करने वाला गिरोह कैसे काम करता था?
यह गिरोह राह चलते लोगों को लिफ्ट का झाँसा देकर अपनी कार में बैठाता था, फिर उनका मोबाइल और नकदी लूट लेता था। यदि मोबाइल में बैंकिंग ऐप होता था, तो पीड़ित को धमकाकर फोन अनलॉक कराते और मोबाइल बैंकिंग से खाते से पैसे अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
नोएडा पुलिस ने इस गिरोह को कब और कहाँ गिरफ्तार किया?
नोएडा पुलिस ने 30 जून 2026 को सेक्टर-50 के सामने से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार चारों आरोपियों के नाम अमित, नितिन, विवेक और ऋषि हैं। ये सभी मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं, हालाँकि इनमें से एक आरोपी वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-141 में रह रहा था।
आरोपियों के पास से क्या सामान बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का आईफोन-16, स्मार्ट वॉच, चार्जर, आधार कार्ड, ₹2,300 नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।
क्या इस गिरोह ने नोएडा के अलावा अन्य जगहों पर भी वारदातें की हैं?
पुलिस अभी इसकी जाँच कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने नोएडा, दिल्ली या एनसीआर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की वारदातें की हैं या नहीं। पुलिस का मानना है कि जाँच में कई और मामले सामने आ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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