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क्या पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले कांग्रेस ने दो महत्वपूर्ण समितियाँ बनाई हैं?

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क्या पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले कांग्रेस ने दो महत्वपूर्ण समितियाँ बनाई हैं?

सारांश

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने चुनाव से पहले दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है। एआईसीसी की मंजूरी के बाद, ये समितियाँ पार्टी के संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने और राजनीतिक रणनीतियों को बेहतर बनाने का कार्य करेंगी। जानिए इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की रणनीति और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने दो नई समितियों का गठन किया है।
समितियों में प्रमुख पार्टी नेता शामिल हैं।
इनका उद्देश्य संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करना है।
घोषणापत्र समिति जमीनी मुद्दों से जुड़ी रणनीतियों पर ध्यान देगी।
पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी कर रही है।

कोलकाता, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए दो महत्वपूर्ण समितियों (अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति और घोषणापत्र समिति) के गठन को मंजूरी दी है। यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस संबंध में एआईसीसी के महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। वरिष्ठ नेता देबप्रसाद रे को पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रशांत के. दत्त को समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

इस समिति में कुल सात सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य, ईशा खान चौधरी, सुप्रियो बोस, डॉ. माया घोष, कृष्णा देबनाथ, निर्मल घोष दस्तीदार और रित्जु घोषाल के नाम शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह समिति संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने और आंतरिक मामलों में त्वरित निर्णय लेने की दिशा में काम करेगी। वहीं, घोषणापत्र समिति की कमान प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य को सौंपी गई है। समिति के उपाध्यक्ष के रूप में अमिताभ चक्रवर्ती को जिम्मेदारी दी गई है।

इस समिति में कुल 15 सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें मुनिश तमांग, सुख बिलास बर्मा, फिरोजा बेगम, निर्मल कुमार भद्र, चंदन घोष, शिलादित्य हालदार, प्रसेनजीत बोस, सुजीत पटवारी, कमरुज्जमान चौधरी, हसनुज्जमान बप्पा, एस.के. एहसान खान, सुदीप मजूमदार, अमिताभ सिन्हा, शांतनु रॉय चौधरी और स्वराज मंडी शामिल हैं। यह समिति आगामी राजनीतिक रणनीति और पार्टी के घोषणापत्र को जमीनी मुद्दों से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

इसके अलावा, पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी शामिल किया है। इनमें अधीर रंजन चौधरी, दीपा दास मुंशी, ईशा खान चौधरी, देब प्रसाद रॉय, अब्दुल मन्नान, मनोरंजन हालदार, अभिजीत मुखर्जी, सुनील तिर्की, नेपाल महतो, मोहित सेनगुप्ता, अली इमरान रमज़, संतोष पाठक, सुजय घटक, सैयद मुस्तफा और गीता सरदार के नाम प्रमुख हैं।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इन दोनों समितियों के गठन से पश्चिम बंगाल में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस की नई समितियों का क्या उद्देश्य है?
इन समितियों का उद्देश्य संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करना और राजनीतिक रणनीतियों को जमीनी मुद्दों से जोड़ना है।
समितियों में कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं?
अनुशासनात्मक समिति में 7 और घोषणापत्र समिति में 15 सदस्यों को शामिल किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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