पटना हॉस्टल छात्रा की मौत: क्या पप्पू यादव ने सीबीआई जांच की मांग की?
सारांश
Key Takeaways
- पप्पू यादव ने सीबीआई जांच की मांग की है।
- पटना में एक बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा है।
- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी।
- स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप।
- नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत का शक।
पटना, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्णिया से सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने पटना के एक हॉस्टल में एनईईटी छात्रा की मौत के बाद सीबीआई जांच की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पटना में एक बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा है, जिसमें लॉज, नेता और अधिकारी शामिल हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाने के लिए भी तैयार हैं।
सांसद पप्पू यादव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हाल ही में कई मंत्री और नेता जहानाबाद में मौजूद थे, लेकिन कोई भी पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने नहीं गया। सभी नेता सियासत के गंदे खेल में लगे रहे हैं। वे सिर्फ हिंदू-मुसलमान की राजनीति करते हैं।
पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाया कि छात्रा के साथ बलात्कार हुआ था, और बाद में एक निजी अस्पताल ने आरोपियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की। उन्होंने कहा, "मेरी चिंता सिर्फ अपराध को लेकर नहीं है, बल्कि यह भी है कि इसके पीछे कौन है और कितने प्रभावशाली लोग इसमें शामिल हैं। गलत रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर पर अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई?"
उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों को धमकी दी। पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों के साथ मिलकर परिवार को पैसे देकर चुप रहने के लिए कहा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पटना में कई लॉज में बड़ा सेक्स रैकेट चल रहा है, जिसमें नेता और अधिकारी शामिल हैं। यहां कोई निगरानी या जवाबदेही नहीं है।
छात्रा की मौत के बाद पप्पू यादव ने कहा कि आरोपी विभिन्न मंत्रालयों में जाकर फाइलें चेक करते हैं, जिसके सबूत उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि कई मंत्री और अधिकारी इस मामले में शामिल हैं। पप्पू यादव ने सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो न्याय दिलाने के लिए वह हाईकोर्ट जाने को भी तैयार हैं।
इसी बीच, कांग्रेस नेता ने गायक एआर रहमान के बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आज सिनेमा और क्रिकेट में बंटवारा हो रहा है। साहित्य, रेणुका जैसे लेखक और विद्यापति जैसे कवियों को भी बांट दिया गया है। यहां तक कि हास्य कवि भी हिंदू-मुस्लिम आधार पर बंट गए हैं। पप्पू यादव ने कहा कि सरकार और राजनीतिक नेतृत्व द्वारा फैलाई गई यह फूट क्रिकेट और फिल्म इंडस्ट्री में भी फैल गई है।