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क्या पटना ने जीएसटी 2.0 को सराहा, पीएम मोदी और वित्त मंत्री को दिया धन्यवाद?

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क्या पटना ने जीएसटी 2.0 को सराहा, पीएम मोदी और वित्त मंत्री को दिया धन्यवाद?

सारांश

पटना में जीएसटी 2.0 की नई दरों का स्वागत किया गया है। लोग मानते हैं कि इससे बाजार में चहल-पहल बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया गया है। जानिए, इस बदलाव का क्या प्रभाव पड़ेगा।

मुख्य बातें

जीएसटी 2.0 की नई स्लैब दरों का स्वागत किया गया है।
दैनिक उपयोग की वस्तुएं अब सस्ती होंगी।
नवरात्रि जैसे त्योहारों पर खरीदारी को सस्ता बनायेंगी।
मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रति माह 800-1000 रुपये की बचत होगी।
खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी 5 प्रतिशत या शून्य हुआ है।

पटना, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश भर में सोमवार से लागू हुई जीएसटी 2.0 की नई स्लैब दरों का लोगों ने बड़े उत्साह से स्वागत किया है। बिहार की राजधानी पटना में भी ऐसा ही जोश देखने को मिला। लोगों का मानना है कि जीएसटी स्लैब में सुधार और नई दरें नवरात्रि त्योहार से लागू होने से बाजार में चहल-पहल बढ़ जाएगी।

स्थानीय निवासियों का मानना है कि नई दरों के कारण दैनिक उपयोग की वस्तुओं, जैसे कि सूती कपड़े, टीवी, फ्रिज और रसोई के सामान की कीमतें कम हुई हैं।

पटना के नागरिकों ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया है।

नवरात्रि और दीपावली जैसे त्योहारों से पहले इन सुधारों को जनता ने एक बड़ा उपहार बताया है। जीएसटी स्लैब में किए गए सुधारों को लेकर पटना के कुछ आम लोगों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत की।

स्थानीय निवासी राजीव भार्गव ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी। यह सरकार का एक बहुत अच्छा कदम है।

योगेश झा ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शानदार काम किया है। त्योहारों का मौसम आ रहा है और अब हम ज्यादा खरीदारी कर सकेंगे। इसके लिए सरकार को धन्यवाद।

गृहणी शिवानी भार्गव ने कहा कि सूती कपड़ों, टीवी, फ्रिज और रसोई के सामान की कीमतों में कमी आई है। जीएसटी सुधारों का असर हमारे किचन पर भी दिखेगा। त्योहारों के मौसम में यह एक बड़ी राहत है। हम प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हैं।

बता दें कि खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत या शून्य होने से किराने के सामान और खाद्य वस्तुओं पर प्रति माह लगभग 8000-10000 रुपये खर्च करने वाला एक मध्यम वर्गीय परिवार प्रति माह लगभग 800-1000 रुपये की बचत करेगा, जो कि सालाना आधार पर 10000 रुपये से अधिक है। पनीर, रोटी, पैक्ड पराठे और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर अब जीएसटी शून्य हो गया है, जबकि मक्खन, घी, पनीर, चॉकलेट, बिस्कुट और अचार को 18 या 12 प्रतिशत के स्लैब से घटाकर 5 प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जीएसटी 2.0 के सुधारों का प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक होगा। यह न केवल बाजार में सामर्थ्य लाएगा, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को भी सुधारने में मदद करेगा। समय की मांग है कि सरकार ऐसे सुधारों पर ध्यान दे, जिससे जन जीवन में सुधार हो।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी 2.0 के नए स्लैब दरों से क्या लाभ होगा?
नई स्लैब दरों से दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।
क्या जीएसटी 2.0 का प्रभाव त्योहारों पर पड़ेगा?
जी हां, नई दरें नवरात्रि और दीपावली जैसे त्योहारों पर खरीदारी को सस्ता बनायेंगी।
क्या खाद्य वस्तुओं पर भी जीएसटी घटाया गया है?
हाँ, खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत या शून्य किया गया है।
क्या इससे बाजार में मांग बढ़ेगी?
बिल्कुल, सस्ती दरों से बाजार में मांग बढ़ने की संभावना है।
क्या पटना के लोग इस बदलाव से खुश हैं?
हां, पटना के नागरिकों ने इस बदलाव का स्वागत किया है और सरकार का आभार व्यक्त किया है।
राष्ट्र प्रेस
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