क्या पटना में नीट छात्रा की मौत पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का वादा सही है?
सारांश
Key Takeaways
- पटना में एक नीट छात्रा की दुखद मौत ने राजनीतिक हलचल पैदा की है।
- डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दोषियों को सजा देने का आश्वासन दिया है।
- यह मामला सुरक्षा और न्याय के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।
पटना, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत से एनडीए सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। इस बीच, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पोस्ट के माध्यम से नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भ्रष्ट तंत्र और मशीनी यंत्र द्वारा निर्मित डबल इंजन की एनडीए सरकार अत्याचारियों, भ्रष्टाचारियों, अपराधियों और बलात्कारियों का विश्वसनीय उपकरण बन चुकी है। वोट खरीदी के जरिए बनी बिहार की असंवेदनशील नीतीश सरकार नाबालिग बच्चियों, छात्राओं, बेटियों और महिलाओं पर जुल्म ढा रही है। सत्ता द्वारा संरक्षित ये अत्याचार रोंगटे खड़े करने वाली घटनाओं के बीच सरकार मौन है। मधेपुरा में एक विधवा महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या, खगड़िया में 4 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ जघन्य सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, और पटना में जहानाबाद की नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म और क्रूरतापूर्ण हत्या इस सरकार की निर्ममता को दर्शाते हैं।
वहीं, पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पूरे मामले की लगातार समीक्षा की जा रही है। एक हाई-लेवल टीम का गठन किया गया है। जैसा कि आपने देखा है, डीजीपी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
भाजपा नेता नीराज कुमार सिंह 'बबलू' ने कहा कि नीट छात्रा की मौत एक दुखद घटना है। जांच होनी चाहिए और दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
पटना में नीट छात्रा की मौत की घटना तब सामने आई जब चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी, अपने कमरे में बेहोश पाई गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था।
हालांकि, सहायक पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक स्पष्ट सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए शुरू में इस आरोप को मानने से इनकार कर दिया।