पटना: विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव मोहम्मद सनाउल्लाह खान ₹2.50 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

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पटना: विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव मोहम्मद सनाउल्लाह खान ₹2.50 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

सारांश

पटना में बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव को प्रैक्टिकल अंक चढ़ाने के बदले ₹2.50 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। इस वर्ष ब्यूरो की यह 42वीं रंगेहाथ गिरफ्तारी है — शिक्षा में भ्रष्टाचार का एक और बेपर्दा चेहरा।

Key Takeaways

मोहम्मद सनाउल्लाह खान , सहायक कुल सचिव, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना , को 28 अप्रैल 2026 को ₹2.50 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वे समस्तीपुर के KRC केंद्र के छात्रों के प्रैक्टिकल अंक चढ़ाने के एवज में अवैध रकम की मांग कर रहे थे। कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने की। ब्यूरो ने इस वर्ष अब तक 49 मामले दर्ज किए, 42 आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा और ₹16 लाख से अधिक की रिश्वत जब्त की। आरोपी के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है; न्यायालय में पेशी शीघ्र होगी।

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की एक विशेष टीम ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पटना स्थित मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव मोहम्मद सनाउल्लाह खान को ₹2.50 लाख की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय कक्ष से ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई छात्रों के प्रैक्टिकल अंक चढ़ाने के एवज में की जा रही रिश्वत की मांग से जुड़ी शिकायत के बाद की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

समस्तीपुर जिले के रोसड़ा निवासी रामानन्द महतो ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सहायक कुल सचिव सनाउल्लाह खान समस्तीपुर स्थित केआरसी (KRC) केंद्र में नामांकित कुछ छात्रों के प्रैक्टिकल अंक चढ़ाने के बदले में अवैध रकम की मांग कर रहे थे। अंक न चढ़ाए जाने के कारण संबंधित छात्रों का परीक्षाफल लंबे समय से लंबित था, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा था।

जाँच और धावादल का गठन

ब्यूरो ने प्राप्त शिकायत का विधिवत सत्यापन कराया और जाँच के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने के पर्याप्त प्रमाण पाए गए। प्रथम दृष्ट्या आरोप सही साबित होने के बाद पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। धावादल ने शिकायतकर्ता के सहयोग से एक सुनियोजित योजना तैयार की और मंगलवार को कार्रवाई को अंजाम दिया।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

योजना के अनुसार, सनाउल्लाह खान को उनके कार्यालय में ही ₹2.50 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद ब्यूरो के अधिकारी आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं, जिसके बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सहायक कुल सचिव के अन्य ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की जा रही है।

ब्यूरो का इस वर्ष का रिकॉर्ड

गौरतलब है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस वर्ष अब तक भ्रष्टाचार के विरुद्ध कुल 49 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें ट्रैप से जुड़े 44 मामले शामिल हैं। इन मामलों में 42 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और ₹16 लाख से अधिक की रिश्वत राशि जब्त की गई है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि बिहार में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

विशेषज्ञ और सामाजिक प्रतिक्रिया

शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की रिश्वतखोरी को विशेषज्ञ अत्यंत गंभीर मानते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की बात कर रही है। आने वाले दिनों में न्यायालयीन प्रक्रिया और छापेमारी के नतीजे इस मामले की पूरी परतें उजागर कर सकते हैं।

Point of View

और इसीलिए यह मामला विशेष रूप से गंभीर है। निगरानी ब्यूरो के इस वर्ष के 49 मामलों में से 44 ट्रैप केस हैं, जो दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें व्यापक हैं। असली सवाल यह है कि क्या गिरफ्तारियाँ प्रणालीगत सुधार में तब्दील होती हैं या केवल आँकड़ों की शोभा बनकर रह जाती हैं। जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन में जवाबदेही का ढाँचा मज़बूत नहीं होगा, ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

मोहम्मद सनाउल्लाह खान को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
उन्हें समस्तीपुर के KRC केंद्र में नामांकित छात्रों के प्रैक्टिकल अंक चढ़ाने के बदले ₹2.50 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 28 अप्रैल 2026 को उनके कार्यालय कक्ष से ही की गई।
बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह कार्रवाई कैसे की?
शिकायतकर्ता रामानन्द महतो की शिकायत के बाद ब्यूरो ने सत्यापन किया और प्रमाण मिलने पर DSP श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में धावादल बनाया। शिकायतकर्ता के सहयोग से योजना तैयार कर आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ा गया।
इस मामले से प्रभावित छात्र कौन हैं?
समस्तीपुर स्थित KRC केंद्र में नामांकित वे छात्र प्रभावित हैं जिनके प्रैक्टिकल अंक न चढ़ाए जाने के कारण परीक्षाफल लंबित था। इन छात्रों का शैक्षणिक भविष्य इस रिश्वतखोरी की वजह से अटका हुआ था।
बिहार निगरानी ब्यूरो का इस वर्ष का प्रदर्शन कैसा रहा है?
ब्यूरो ने 2026 में अब तक कुल 49 भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 44 ट्रैप केस हैं और 42 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही ₹16 लाख से अधिक की रिश्वत राशि भी जब्त की गई है।
आगे इस मामले में क्या होगा?
पूछताछ के बाद आरोपी सनाउल्लाह खान को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार उनके अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है, जिससे मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
Nation Press