क्या पटना नीट छात्रा की मौत मामले में गड़बड़ी हुई है?
सारांश
Key Takeaways
- पटना में नीट छात्रा की मौत की जांच चल रही है।
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गड़बड़ी की आशंका जताई।
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जल्दी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- मामले में एसआईटी का गठन किया गया है।
- धार्मिक भेदभाव के बिना अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पटना में नीट छात्रा की मौत के मामले में गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वर्तमान में मामले की जांच चल रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।
जीतन राम मांझी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह घटना निंदनीय है। मामले की जांच की जा रही है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और एसआईटी का गठन किया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री ने आशंका जताई कि इस मामले में कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "हमने ऐसी कोई मांग नहीं की है। यह मांग किसी और ने की थी। हमने बस उम्मीद जताई थी कि पीएम नरेंद्र मोदी अपने फैसलों से लोगों को चौंकाते हैं, तो शायद इस मामले में भी वह कोई ऐसा फैसला लें जो पूरे देश को चौंका दे, जिसमें नीतीश कुमार को भारत रत्न मिलना भी शामिल हो सकता है।"
केंद्रीय मंत्री ने रविवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणियों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार बिना किसी धार्मिक भेदभाव के अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करती है और सभी के लिए एक कानून के सिद्धांत का पालन करती है।
अखिलेश यादव की आलोचना का जवाब देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा, "यह अतिक्रमण का मामला है और पूरे देश में अतिक्रमण हटाया जा रहा है।" केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार धर्मनिरपेक्ष है और धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं करती है।
उन्होंने कहा, "भारत सरकार धर्मनिरपेक्ष है और सभी को एक कानून के तहत देखती है। जहां भी अतिक्रमण किया गया है, चाहे मंदिरों में हो या मस्जिदों में, कार्रवाई की जा रही है।"
केंद्रीय मंत्री ने इस मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव को सोचना चाहिए और सरकार की तारीफ करनी चाहिए।