बिहार में भीषण गर्मी का कहर: पटना में कक्षा 8 तक के स्कूल सुबह 11:30 बजे तक ही चलेंगे, 30 अप्रैल तक आदेश लागू
सारांश
Key Takeaways
- पटना जिला अधिकारी त्यागराजन एसएम ने कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में सुबह 11:30 बजे के बाद पढ़ाई पर प्रतिबंध लगाया।
- यह आदेश 30 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगा और सभी सरकारी व निजी स्कूलों पर लागू है।
- प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल हैं।
- बिहार में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
- मौसम विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों में तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव।
- किशनगंज और अररिया जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि शेष जिलों में मौसम शुष्क रहा।
बिहार की राजधानी पटना में अप्रैल 2025 में ही गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है। पटना जिला अधिकारी त्यागराजन एसएम ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई पर पूर्वाह्न 11:30 बजे के बाद प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 30 अप्रैल 2025 तक प्रभावी रहेगा।
क्या है पूरा आदेश?
पटना जिला प्रशासन ने रविवार को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि जिले में दोपहर के समय पड़ रही भीषण गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है। इसी को देखते हुए प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में सुबह 11:30 बजे के बाद शिक्षण गतिविधियां पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
यह प्रतिबंध केवल सरकारी स्कूलों पर नहीं, बल्कि सभी निजी विद्यालयों पर भी समान रूप से लागू होगा। जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और राहत की उम्मीद
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान पटना और आसपास के इलाकों में मौसम शुष्क और आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ उमस भरी गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले 3 से 4 दिनों में राज्य के अनेक हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का अधिकतम तापमान 33.6 से 44.4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया।
किशनगंज और अररिया में बारिश, बाकी जिले शुष्क
बीते 24 घंटों में किशनगंज और अररिया जिले के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तर बिहार के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि शेष जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा।
सड़कों पर दोपहर के समय भीड़ काफी कम हो गई है और लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के बाद सन्नाटा छाया रहता है।
आम जनता पर असर और प्रशासन की तैयारी
गर्मी का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को दोपहर की तेज धूप में आने-जाने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामले इस मौसम में तेजी से बढ़ते हैं।
गौरतलब है कि बिहार में हर साल अप्रैल-मई के महीनों में भीषण गर्मी पड़ती है और प्रशासन को इसी तरह के आपातकालीन आदेश जारी करने पड़ते हैं। पिछले वर्षों में भी पटना सहित कई जिलों में स्कूलों का समय बदला गया था।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में हल्की राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन मई महीने में गर्मी और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं और धूप में बाहर न निकलने दें।