मध्य प्रदेश: परीक्षा के दौरान छात्रा ने एग्जाम हॉल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया

Click to start listening
मध्य प्रदेश: परीक्षा के दौरान छात्रा ने एग्जाम हॉल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया

सारांश

पीथमपुर में एक नाबालिग छात्रा ने परीक्षा देते समय वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया। यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि इससे परीक्षा केंद्र की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठते हैं।

Key Takeaways

  • घटना पीथमपुर में हुई।
  • नाबालिग छात्रा ने एग्जाम हॉल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया।
  • मां और नवजात की स्थिति स्थिर है।
  • आरोपी की पहचान हो गई है।
  • पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की है।

पीथमपुर, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में एक नाबालिग १०वीं की छात्रा ने बोर्ड परीक्षा के दौरान एग्जाम सेंटर के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दिया।

यह घटना मंगलवार को सेक्टर-१ पुलिस थाने के अंतर्गत एक प्राइवेट स्कूल में हुई, जो मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के परीक्षा केंद्र के रूप में कार्यरत था।

लड़की मैथ्स का पेपर दे रही थी, इसी बीच उसे अचानक पेट में तेज दर्द महसूस हुआ। वह टॉयलेट में गई, जहां उसे लेबर पेन शुरू हो गया और उसने एक लड़के को जन्म दिया। जब वह कई मिनट तक टॉयलेट से बाहर नहीं आई, तब परेशान इंस्पेक्टर और स्टाफ बच्चे के रोने की आवाज सुनकर बंद टॉयलेट के दरवाजे के पास पहुंचे। इसके बाद एग्जाम सेंटर प्रबंधन ने तुरंत १०८ इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया।

छात्रा और उसके नवजात को तुरंत पीथमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मां और बच्चा दोनों की स्थिति स्थिर है और वे ठीक हैं; वे अभी ऑब्जर्वेशन में हैं। लड़की को बच्चे के साथ शाम करीब ५ बजे सेंटर लाया गया था और मेडिकल स्टाफ ने उनकी स्थिति सामान्य बताई।

इस घटना से सेंटर के छात्रों और स्टाफ में घबराहट फैल गई। पुलिस ने पीथमपुर पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की है और इसे इंदौर जिले के बेटमा पुलिस के अधिकार क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया है, क्योंकि लड़की वहीं रहती है और परीक्षा देने के लिए केवल पीथमपुर सेंटर पर आई थी।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में धार के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विजय डाबर ने घटना की पुष्टि की और कहा कि वह मंगलवार को सेंटर पर परीक्षा देने वाली थी। एक जीरो एफआईआर दर्ज कर बेटमा पुलिस स्टेशन को भेज दिया गया है, क्योंकि वह इंदौर पुलिस के अधिकार क्षेत्र के शहर की निवासी है।

पूछताछ के दौरान, पीड़िता ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से एक लड़के के संपर्क में थी। आरोपी की पहचान कर ली गई है और पुलिस ने बताया कि वह उसे जल्द ही पकड़ने की कोशिश कर रही है। आरोपी के खिलाफ नाबालिगों की सुरक्षा से संबंधित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले के सभी पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी।

Point of View

बल्कि यह हमारे समाज की नाबालिगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर करती है। ऐसी घटनाएं हमें यह सोचने को मजबूर करती हैं कि क्या हम अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान कर पा रहे हैं।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

इस घटना में पीड़िता की उम्र क्या थी?
पीड़िता एक नाबालिग 10वीं की छात्रा है।
घटना कब हुई थी?
यह घटना 25 फरवरी को हुई थी।
क्या पीड़िता और उसके बच्चे की हालत ठीक है?
हां, डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर है।
क्या आरोपी की पहचान हो गई है?
जी हां, आरोपी की पहचान कर ली गई है और पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की है और मामले की जांच की जा रही है।
Nation Press