हरियाणा दिवस 2026: PM मोदी ने 60वीं हीरक जयंती पर प्रदेशवासियों को दी बधाई, खिलाड़ियों-किसानों की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2026 को हरियाणा स्थापना दिवस की हीरक जयंती (60वीं वर्षगाँठ) के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं, जबकि यहाँ के किसान देश की खाद्य सुरक्षा की मज़बूत नींव बने हुए हैं। यह अवसर राज्य के 1 नवंबर 1966 को पृथक प्रांत के रूप में गठन के ठीक छह दशक बाद आया है।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'हरियाणा दिवस पर राज्य के मेरे सभी परिवारजनों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं! गौरवशाली इतिहास, अद्भुत पराक्रम और समृद्ध संस्कृति से सुसज्जित हमारा यह प्रदेश देश की शान है। यहाँ की लोक परंपराओं और जीवंत ग्रामीण संस्कृति ने राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को हमेशा समृद्ध किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के लोगों ने अपने परिश्रम और समर्पण से कृषि, खेल और रक्षा सेवाओं से लेकर उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी का संबोधन
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक वीडियो संदेश जारी कर हीरक जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, 'जब 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अलग प्रदेश बना, तो वह बहुत पिछड़ा हुआ था। इस पिछड़े प्रदेश को आधुनिक हरियाणा बनाने में हमारे अन्नदाता किसान, मेहनतकश मजदूर, कर्मठ उद्योगपति, व्यापारी और धाकड़ खिलाड़ियों का बहुत योगदान रहा है।'
60 वर्षों की उपलब्धियाँ
सैनी ने रेखांकित किया कि 60 वर्षों की यात्रा में हरियाणा देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों की पंक्ति में आ खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की उपलब्धियों की चर्चा देश ही नहीं, विदेशों में भी होती है। गौरतलब है कि हरियाणा ने खेल क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और कृषि उत्पादन में भी देश की खाद्यान्न आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विकसित भारत 2047 में हरियाणा की भूमिका
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि हीरक जयंती आत्मचिंतन और स्वर्णिम भविष्य का खाका खींचने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प में हरियाणा का अधिकतम योगदान सुनिश्चित करना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साझा दृष्टिकोण के साथ काम कर रही हैं।