IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में PM मोदी 8 अगस्त को करेंगे संबोधित, 'परम प्रज्ञा' सुपरकंप्यूटर का भी उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर वे 587 पीएचडी शोधार्थियों सहित 3,000 से अधिक स्नातक छात्रों को संबोधित करेंगे — जो किसी एकल IIT दीक्षांत समारोह में उपस्थित स्नातकों की एक बड़ी संख्या है।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह में प्रधानमंत्री मेधावी छात्रों को संस्थान के सर्वोच्च सम्मान प्रदान करेंगे। इनमें राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक, निदेशक का स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक शामिल हैं। ये पुरस्कार शैक्षणिक उत्कृष्टता के उच्चतम मानदंड पर खरे उतरने वाले छात्रों को दिए जाते हैं।
'परम प्रज्ञा' सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह के साथ-साथ प्रधानमंत्री IIT दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित एआई-संचालित उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा 'परम प्रज्ञा' का उद्घाटन भी करेंगे। यह अत्याधुनिक प्रणाली संस्थान की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा विज्ञान, उन्नत कंप्यूटिंग और अंतःविषयक अनुसंधान क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगी। यह कदम भारत की राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में कम्प्यूटेशनल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की व्यापक नीति के अनुरूप है।
IIT दिल्ली–Cisco टेक्नोलॉजी हब
इससे ठीक पहले, 4 अगस्त 2026 को IIT दिल्ली और Cisco ने एआई और साइबरसिक्योरिटी पर केंद्रित 'Cisco टेक्नोलॉजी हब' की स्थापना की संयुक्त घोषणा की थी। यह तीन वर्षीय साझेदारी Cisco की तकनीकी विशेषज्ञता और IIT दिल्ली की अकादमिक नेतृत्व क्षमता को एकजुट करती है, ताकि अनुसंधान को आगे बढ़ाया जा सके, कौशल विकास किया जा सके और देश के एआई व साइबरसिक्योरिटी इकोसिस्टम को मजबूती दी जा सके।
इस हब का लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एआई और साइबरसिक्योरिटी अनुसंधान, नवाचार और प्रतिभा विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरना है। यह साझेदारी सरकारी हितधारकों के साथ मिलकर डिजिटल ढाँचे और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करेगी और वास्तविक दुनिया की साइबर चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तैयार करेगी।
आम जनता और शिक्षा जगत पर असर
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार तकनीकी शिक्षा और एआई बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश कर रही है। 'परम प्रज्ञा' जैसी सुविधाएँ न केवल IIT दिल्ली के शोधार्थियों को, बल्कि उद्योग और सरकारी परियोजनाओं को भी उन्नत कम्प्यूटेशनल संसाधन उपलब्ध कराएँगी। Cisco–IIT साझेदारी से देश में एआई और साइबरसिक्योरिटी क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति की माँग पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
दीक्षांत समारोह और 'परम प्रज्ञा' के उद्घाटन के बाद Cisco टेक्नोलॉजी हब के परिचालन का विवरण अगले चरण में सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। IIT दिल्ली का सोनीपत परिसर अब देश के उभरते तकनीकी अनुसंधान मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है।