21 सितंबर 2026
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केरल का रेलवे आवंटन 10 गुना बढ़ा, वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,795 करोड़: रेल मंत्री वैष्णव

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केरल का रेलवे आवंटन 10 गुना बढ़ा, वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,795 करोड़: रेल मंत्री वैष्णव

सारांश

केरल का रेलवे बजट आवंटन 2014 के मुकाबले 10 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,795 करोड़ हो गया है। रेल मंत्री वैष्णव ने केरल सांसदों से मुलाकात के बाद बताया कि राज्य में ₹20,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ जारी हैं और नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।

मुख्य बातें

केरल का रेलवे आवंटन 2014 के ₹372 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,795 करोड़ — यानी लगभग 10 गुना वृद्धि।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 सितंबर 2026 को केरल सांसदों से मुलाकात के बाद यह जानकारी साझा की।
राज्य में फिलहाल ₹20,000 करोड़ से अधिक के रेलवे प्रोजेक्ट्स सक्रिय; इनमें 9 मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ , 145 ओवरब्रिज/अंडरपास और 19 स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल।
2014 से 670 किलोमीटर के 6 डबलिंग/गेज-कन्वर्जन प्रोजेक्ट्स ₹4,316 करोड़ में पूरे; राज्य का रेल नेटवर्क 100% विद्युतीकृत ।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 16 स्टेशन पुनर्विकसित; 131 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास निर्मित।
मंगलुरु को एसडब्ल्यूआर (SWR) में बनाए रखने का फैसला — तीन ज़ोन में बँटने से होने वाली परिचालन दिक्कतें दूर होंगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केरल के सांसदों से मुलाकात के बाद जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केरल के लिए रेलवे बजट आवंटन लगभग दस गुना बढ़ गया है — 2014 के ₹372 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,795 करोड़ हो गया है। उन्होंने इसे राज्य में बुनियादी ढाँचे, क्षमता विस्तार और यात्री कनेक्टिविटी में बड़े बदलाव की आधारशिला बताया।

मुख्य घोषणाएँ और आँकड़े

वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 26-27 के लिए केरल का बजट आवंटन 10 गुना बढ़ाकर ₹3,795 करोड़ कर दिया है। 2014 में यह राशि सिर्फ ₹372 करोड़ थी।' रेल मंत्री के अनुसार, इस बढ़े हुए निवेश से राज्य में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि फिलहाल केरल में ₹20,000 करोड़ से अधिक के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। इनमें नौ मल्टी-ट्रैकिंग और नई लाइन परियोजनाएँ, 145 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास, तथा 19 स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल हैं।

पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियाँ

2014 से अब तक केरल में ₹4,316 करोड़ की लागत से 670 किलोमीटर के छह बड़े डबलिंग और गेज-कन्वर्जन प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा चुके हैं। राज्य के रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी संपन्न हो चुका है।

इसके अलावा 131 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 16 स्टेशनों का पुनर्विकास पहले ही पूरा हो चुका है। वैष्णव ने कहा, 'हमारा फोकस ज़्यादा क्षमता बनाने और पूरे केरल में रेलवे के कामकाज को अधिक सुचारू एवं कुशल बनाने पर है।'

मंगलुरु ज़ोन विवाद का समाधान

रेल मंत्री ने मंगलुरु से जुड़े परिचालन मुद्दों पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पहले मंगलुरु रेलवे क्षेत्र तीन अलग-अलग ज़ोन में बँटा हुआ था, जिसकी वजह से परिचालन में गंभीर दिक्कतें पेश आती थीं।

वैष्णव ने कहा, 'मंगलुरु को एसडब्ल्यूआर (SWR) में बनाए रखने के फैसले से परिचालन से जुड़ी ये दिक्कतें दूर हो जाएंगी।' यह निर्णय दक्षिण-पश्चिम रेलवे ज़ोन के तहत एकीकृत प्रबंधन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आम जनता और यात्रियों पर असर

गौरतलब है कि केरल में रेलवे संपर्क का सीधा असर लाखों दैनिक यात्रियों, पर्यटन क्षेत्र और राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। 100% विद्युतीकरण से जहाँ पर्यावरणीय लाभ हुए हैं, वहीं बढ़ती ट्रेन आवृत्ति और नई लाइनें आम नागरिकों की यात्रा को अधिक सुलभ बनाएंगी।

यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के राज्य केंद्रीय बजट में अपने हिस्से को लेकर समय-समय पर चिंता जताते रहे हैं। केरल सांसदों के साथ इस बैठक को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है। आगे चल कर चल रही परियोजनाओं के पूरा होने और नए स्टेशनों के पुनर्विकास से राज्य में रेल यात्रा का अनुभव काफी बेहतर होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

795 करोड़ का यह आँकड़ा प्रभावशाली दिखता है, लेकिन असली सवाल यह है कि बड़े आवंटन का ज़मीनी रूपांतरण कितना हुआ — केरल में कई रेल परियोजनाएँ दशकों से अटकी पड़ी हैं। राज्य सरकार और केंद्र के बीच भूमि अधिग्रहण और वित्तीय साझेदारी को लेकर पुराने विवाद भी इस तस्वीर का हिस्सा हैं, जिन्हें इस घोषणा में छुआ नहीं गया। 100% विद्युतीकरण और पूरी हो चुकी डबलिंग परियोजनाएँ सराहनीय हैं, लेकिन जब तक चल रही ₹20,000 करोड़ की परियोजनाओं की समयसीमा और जवाबदेही तय नहीं होती, यह घोषणा भी महज़ आँकड़ों की कवायद बनकर रह सकती है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल का रेलवे बजट आवंटन 2014 से अब तक कितना बढ़ा है?
केरल का रेलवे आवंटन 2014 के ₹372 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में ₹3,795 करोड़ हो गया है, यानी लगभग 10 गुना वृद्धि। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 सितंबर 2026 को केरल सांसदों से मुलाकात के बाद यह जानकारी साझा की।
केरल में अभी कितनी रेलवे परियोजनाएँ चल रही हैं?
केरल में फिलहाल ₹20,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएँ सक्रिय हैं। इनमें 9 मल्टी-ट्रैकिंग और नई लाइन परियोजनाएँ, 145 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास, तथा 19 स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत केरल में क्या हुआ है?
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत केरल के 16 स्टेशनों का पुनर्विकास पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अलावा 19 और स्टेशनों के पुनर्विकास का काम वर्तमान में जारी है।
मंगलुरु रेलवे ज़ोन विवाद क्या था और इसका समाधान कैसे हुआ?
मंगलुरु रेलवे क्षेत्र पहले तीन अलग-अलग ज़ोन में बँटा हुआ था, जिससे परिचालन में गंभीर दिक्कतें आती थीं। रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि मंगलुरु को दक्षिण-पश्चिम रेलवे (SWR) में बनाए रखने के फैसले से यह समस्या दूर हो जाएगी।
2014 से केरल में रेलवे की कौन-सी बड़ी परियोजनाएँ पूरी हुई हैं?
2014 से केरल में ₹4,316 करोड़ की लागत से 670 किलोमीटर के छह बड़े डबलिंग और गेज-कन्वर्जन प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं। इसके साथ ही राज्य के रेल नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण और 131 रोड ओवरब्रिज व अंडरपास का निर्माण भी संपन्न हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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