गाजियाबाद: कूलिंग पैड फैक्ट्री में भीषण आग, 8 दमकल गाड़ियों ने 2 घंटे में पाया काबू
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में 21 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:10 बजे कूलर के कूलिंग पैड निर्माण से जुड़ी एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग ने तेज़ी से करीब 500 वर्ग मीटर के फैक्ट्री परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गाजियाबाद अग्निशमन विभाग ने कुल आठ फायर टेंडर लगाकर लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे भड़की आग
अग्निशमन विभाग के अनुसार, प्लॉट नंबर एफ-21 पर संचालित शांति एंटरप्राइजेज से दोपहर करीब 12:10 बजे आग लगने की सूचना कोतवाली फायर स्टेशन को मिली। सूचना मिलते ही कमिश्नरेट गाजियाबाद से तत्काल चार फायर टेंडर घटनास्थल के लिए रवाना किए गए।
यह फैक्ट्री 500 वर्ग मीटर के भूखंड पर स्थित थी और भूतल में अस्थायी टीन शेड से निर्मित भवन में कूलर के कूलिंग पैड बनाने का काम होता था। दमकल कर्मियों के पहुँचने तक आग फैक्ट्री के लगभग संपूर्ण हिस्से में फैल चुकी थी।
राहत एवं बचाव अभियान
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी को तत्काल सूचित किया गया। उनके निर्देश पर वैशाली फायर स्टेशन से दो वाटर ब्राउज़र और साहिबाबाद फायर स्टेशन से दो अतिरिक्त फायर टेंडर घटनास्थल भेजे गए, जिससे कुल तैनाती आठ फायर टेंडर तक पहुँची।
दमकल कर्मियों ने फैक्ट्री को चारों ओर से घेरते हुए अलग-अलग दिशाओं से होज पाइप की लाइनें बिछाईं और लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर उपस्थित रहे और अपनी निगरानी में पूरे अभियान का संचालन कराया।
आग बुझने के बाद की स्थिति
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि, जले हुए सामान और फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में दोबारा आग भड़कने की आशंका को देखते हुए दमकल कर्मी घटनास्थल पर मौजूद रहे और कूलिंग का कार्य लगातार जारी रखा गया।
स्थानीय पुलिस की टीम भी पूरे राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मौके पर तैनात रही और दमकल विभाग को आवश्यक सहयोग देते हुए घटनास्थल पर व्यवस्था बनाए रखी।
कारण और नुकसान का आकलन जारी
अग्निशमन विभाग के मुताबिक, फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों की जानकारी नहीं हो सकी है। इसी तरह, आग से फैक्ट्री को हुए आर्थिक नुकसान का भी तत्काल आकलन संभव नहीं हो पाया है। विभाग की ओर से आग के कारणों और संपत्ति के नुकसान का विस्तृत आकलन किए जाने की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि टीन शेड जैसी अस्थायी संरचनाओं में आग का तेज़ी से फैलना एक सामान्य जोखिम माना जाता है, विशेषकर जब ज्वलनशील सामग्री का उत्पादन हो रहा हो।