गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी की कुमार पैकर्स फैक्ट्री में भीषण आग, 6 दमकल गाड़ियों ने 3 घंटे में बुझाई
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार, 4 नवंबर 2026 की सुबह कुमार पैकर्स फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पहली मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। छह दमकल गाड़ियों की संयुक्त कार्रवाई से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
आग का घटनाक्रम
दमकल विभाग के अनुसार, सुबह 4:24 बजे लोनी फायर स्टेशन (ट्रॉनिका सिटी) को सेक्टर बी-3, प्लॉट नंबर डी-4 स्थित कुमार पैकर्स फैक्ट्री में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्टेशन से तीनों उपलब्ध फायर टेंडर तत्काल रवाना किए गए। फायर स्टेशन से घटनास्थल की दूरी करीब तीन किलोमीटर थी।
मौके पर पहुँचने पर दमकल कर्मियों ने पाया कि फैक्ट्री के साढ़े तीन मंजिला भवन की पहली मंजिल पर आग पूरे क्षेत्र में फैल चुकी थी। फैक्ट्री के कुछ कर्मचारी वहाँ पहले से स्थापित अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे, किंतु आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उन पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था।
दमकल दल की रणनीति
आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों ने दोहरी रणनीति अपनाई। एक हौज पाइप लाइन सीढ़ियों के रास्ते सीधे पहली मंजिल तक पहुँचाई गई, जबकि दूसरी लाइन बगल की फैक्ट्री की छत के रास्ते बिछाकर ऊपर से पानी की बौछार की गई। इस प्रक्रिया में आग को भवन की अन्य मंजिलों तक फैलने से रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी, कमिश्नरेट गाजियाबाद को तत्काल सूचित किया गया। उनके निर्देश पर वैशाली, साहिबाबाद और बागपत के खेकड़ा फायर स्टेशन से एक-एक अतिरिक्त दमकल गाड़ी बुलाई गई, जिससे कुल छह फायर टेंडर अग्निशमन अभियान में तैनात हो सके।
आग पर काबू और बाद की कार्रवाई
दमकल कर्मियों की अथक मेहनत के बाद सुबह 7:30 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। इसके बाद फैक्ट्री में रखे सामान को हटाकर उलट-पलट की गई ताकि सामान के नीचे कोई सुलगती चिंगारी न रह जाए। धुएँ को भी पूरी तरह शांत किया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि आग दोबारा न भड़के।
पूरे अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद रही और दमकल विभाग के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था संभालती रही।
फैक्ट्री में क्या बनता था
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुमार पैकर्स फैक्ट्री के भूतल पर गत्ते बनाने का काम किया जाता था, जबकि पहली मंजिल पर कार परफ्यूम सहित अन्य उत्पादों का निर्माण होता था। आग पहली मंजिल से शुरू हुई और वहाँ रखे सामान तथा निर्माण सामग्री प्रभावित हुई। आग लगने का संभावित कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है और जाँच जारी है।
आगे क्या होगा
दमकल विभाग ने पुष्टि की है कि अग्निकांड में कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच की जाएगी। ट्रॉनिका सिटी जैसे घने औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएँ अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग को फिर से रेखांकित करती हैं।