गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी की फैब्रिकेशन फैक्ट्री में आग, 35 मिनट में दमकल ने पाया काबू
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रॉनिका सिटी इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह एक फैब्रिकेशन फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की बदौलत करीब 35 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग और कैसे बुझी
सेक्टर ए-7, पार्ट-1 स्थित प्लॉट नंबर एफ-18 पर संचालित जावेद फैब्रिकेशन नामक फैक्ट्री के भूतल में आग लगी। दमकल विभाग के अनुसार, सुबह लगभग 9:15 बजे ट्रॉनिका सिटी फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को आग की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्टेशन से तीन फायर टेंडर और फायर सर्विस यूनिटें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं।
घटनास्थल फायर स्टेशन से लगभग पाँच किलोमीटर की दूरी पर था। घटना की सूचना मुख्य अग्निशमन अधिकारी, कमिश्नरेट गाजियाबाद को भी दी गई। उनके निर्देश पर वैशाली फायर स्टेशन से एक वाटर बाउजर और जनपद बागपत के खेकड़ा फायर स्टेशन से एक अतिरिक्त फायर टेंडर भी मौके पर भेजा गया।
फैक्ट्री का विवरण और नुकसान
यह फैक्ट्री करीब 300 वर्गमीटर के भूखंड पर बने दो मंजिला भवन में संचालित होती है। यहाँ फ्लैक्सिबल प्रिंटिंग और मेटल फैब्रिकेशन का कार्य किया जाता है। आग भूतल पर लगी थी। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुँचते ही होज पाइप फैलाकर मोटर फायर इंजन की सहायता से पानी की पंपिंग शुरू की और आग बुझाने का अभियान चलाया।
सुबह लगभग 9:50 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इसके बाद फैक्ट्री में मौजूद सामान को पलट-पलट कर जाँच की गई और जहाँ से धुआँ उठ रहा था, वहाँ भी पानी डालकर उसे शांत किया गया — ताकि दोबारा आग भड़कने की कोई आशंका न रहे।
राहत की बात: कोई हताहत नहीं
दमकल विभाग ने स्पष्ट किया कि इस अग्निकांड में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। दमकल कर्मियों की तत्परता और बहु-स्टेशन समन्वय ने नुकसान को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।
आग का कारण अभी अज्ञात
दमकल विभाग के अनुसार, फिलहाल आग लगने के संभावित कारण का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। जाँच जारी है। फैब्रिकेशन और प्रिंटिंग इकाइयों में ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण ऐसे औद्योगिक परिसरों में आग का खतरा अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
आगे क्या
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, कमिश्नरेट गाजियाबाद के स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है। आग के कारणों की विधिवत जाँच के बाद ही फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने की अनुमति पर निर्णय होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि-सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता इस घटना ने एक बार फिर रेखांकित की है।