क्या उत्तराखंड ने पीएम मोदी के विकसित भारत संकल्प को मजबूती से अपनाया? : सीएम धामी

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क्या उत्तराखंड ने पीएम मोदी के विकसित भारत संकल्प को मजबूती से अपनाया? : सीएम धामी

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिंतन शिविर में प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत संकल्प को मजबूत करने की दिशा में राज्य की सक्रियता पर जोर दिया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड को 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने की रणनीतियों पर केंद्रित था।

Key Takeaways

  • विकसित भारत संकल्प की दिशा में उत्तराखंड की सक्रियता
  • साइंस एंड टेक्नोलॉजी का योगदान
  • रोपवे जैसी परियोजनाओं का महत्व
  • जन-जन के द्वार कार्यक्रम से लाभ
  • इकोलॉजी और इकोनॉमी का संतुलन

देहरादून, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित चिंतन शिविर और 'डायलॉग ऑन विजन–2047' कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य विभिन्न विभागों के माध्यम से इस लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत संकल्प 2047 उत्तराखंड द्वारा भी मजबूती से अपनाया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य की व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर विकसित करने की आवश्यकता है। साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहित अन्य विभाग मिलकर गांव-गांव तक विकसित भारत का संकल्प साकार कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं आम जनता तक आसानी से पहुंच रही हैं।

उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक लगभग 4 लाख लोगों ने इसका लाभ उठाया है। इसके साथ ही, देहरादून में रोपवे जैसी परियोजनाएं भी विकसित उत्तराखंड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों के विचार सुने और देवतुल्य जनता को संबोधित किया। इस मंथन से निकले निष्कर्ष उत्तराखंड के लिए सुदृढ़ विजन और विकसित भारत 2047 का स्पष्ट रोडमैप तय करेंगे। प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्प को देश की जन-जन की आकांक्षा बताया। 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने का लक्ष्य मात्र आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित, समावेशी और सतत विकास पर आधारित होना चाहिए।

उत्तराखंड के संदर्भ में विकास पर्यावरण से गुजरता है, इसलिए इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। विकसित उत्तराखंड की आधारशिला तीन स्तंभों, सुशासन, टेक्नोलॉजी एवं इन्वोवेशन, और जनकेंद्रित विकास पर टिकी है। पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ निर्णय राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

यह दो दिवसीय चिंतन शिविर सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित हुआ, जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। सभी प्रमुख क्षेत्रों में गहन विचार-विमर्श से राज्य के भविष्य के लिए व्यावहारिक और समयबद्ध रणनीति बनाई जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड की मजबूत भूमिका सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह शिविर प्रेरणादायक है और ऊर्जा से भर देता है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को संतुलित कर रही है। रोपवे और जन-जन की सरकार जैसे प्रयास जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाते हैं।

Point of View

बल्कि एक मजबूत रोडमैप तैयार करेगा जो 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

उत्तराखंड का नया विकास रोडमैप क्या है?
उत्तराखंड का नया विकास रोडमैप सुशासन, टेक्नोलॉजी, और जनकेंद्रित विकास पर आधारित है।
मुख्यमंत्री धामी ने कितने लोगों को लाभ पहुँचाया?
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अब तक लगभग 4 लाख लोगों ने जन-जन की सरकार योजना का लाभ उठाया है।
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