क्या सामरिक दृष्टि से भारत विश्व के सामर्थ्यवान राष्ट्रों में से एक है? नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी
सारांश
Key Takeaways
- भारत सामरिक दृष्टि से शक्तिशाली है।
- नौसेना प्रमुख का दृष्टिकोण प्रेरणादायक है।
- युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
- सकारात्मक दृष्टिकोण सफलता की कुंजी है।
- ईमानदारी और मेहनत का महत्व।
रांची, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने उल्लेख किया कि भारत सामरिक दृष्टि से विश्व के सबसे सामर्थ्यवान देशों में से एक है। जब कोई देश शक्तिशाली होता है, तभी उसकी बात वैश्विक मंच पर गूंजती है। हम ‘विकसित भारत–2047’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।
एडमिरल त्रिपाठी ने शुक्रवार को रांची के टेंडर हार्ट स्कूल में ‘विकसित भारत–2047’ संवाद कार्यक्रम के दौरान झारखंड के आठ विद्यालयों के छात्रों से चर्चा की। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी मौजूद थे। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नौसेना न केवल लंबे समय तक युद्ध करने में सक्षम है, बल्कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में विजय प्राप्त करने की पूरी क्षमता रखती है।
संवाद के दौरान एक छात्र ने पूछा कि जब हम विश्व शांति की बात करते हैं, तो फिर हथियारों की खरीद क्यों बढ़ रही है? इसके जवाब में एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि विश्व शांति केवल बातों से संभव नहीं है। जब आप सक्षम होते हैं, तभी आपकी बात सुनी जाती है। हथियारों के संदर्भ में, भारत जल्द ही पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बन जाएगा।
नौसेना प्रमुख ने राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की भूमिका, नेतृत्व, एसएसबी साक्षात्कार और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े सवालों का भी उत्तर दिया। उन्होंने जीवन में चार मूल मंत्र अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास, चरित्र और बड़े सपने ये चार आधार जीवन में सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में प्रसन्न रहना सीखें। प्रसन्नता के कारण खोजने की आवश्यकता नहीं है, बस प्रसन्न रहें, इससे जीवन सरल हो जाएगा। एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना, कड़ी मेहनत करना और अपने काम को पूरी निष्ठा से करना ही विकसित भारत के निर्माण में युवाओं का सबसे बड़ा योगदान है।
इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि यह रांची के लिए गर्व की बात है कि भारतीय नौसेना के प्रमुख स्वयं विद्यार्थियों से संवाद करने आए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में टेंडर हार्ट स्कूल के चेयरमैन सुधीर तिवारी, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, अभिभावक, भारतीय थलसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन टेंडर हार्ट स्कूल की उप-प्राचार्या शिवांगी शुक्ला ने किया।