पीएम मोदी का मां डाट काली मंदिर में आगमन: भव्य तैयारियों की शुरुआत
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी का मां डाट काली मंदिर में आगमन
- भव्य तैयारियों की शुरुआत
- मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
- वाहनों की सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध
- मंत्री नितिन गडकरी का सहयोग
देहरादून, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारियों के लिए एक भव्य समारोह की योजना बनाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी १४ अप्रैल को एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे।
मंदिर के प्रबंधन ने पीएम के स्वागत की तैयारियों को शुरू कर दिया है, जिसमें गर्भगृह में पूजा की व्यवस्था भी शामिल है।
मां डाट काली मंदिर के महंत संयम गोस्वामी ने पीएम मोदी के आगमन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "यह हमारे लिए एक विशेष अवसर है कि पीएम मोदी पहली बार हमारे मंदिर में दर्शन देने आ रहे हैं। उनके आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां की जा रही हैं। चूंकि उनके पास समय सीमित होगा, पूजा की तैयारी उसी अनुसार की गई है। पहले वे गर्भगृह में पूजा करेंगे, फिर मंदिर की परिक्रमा करेंगे और परिवार से मिलकर उद्घाटन के लिए रवाना होंगे। उनके पास केवल १०-१५ मिनट का समय होगा।"
महंत ने मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मां डाट काली मंदिर का इतिहास सड़क निर्माण से जुड़ा हुआ है। वर्ष १८०४ में जब अंग्रेज दिल्ली से देहरादून के लिए सड़क बना रहे थे, तब उनके इंजीनियर्स गुफा का निर्माण कर रहे थे। जब भी गुफा का निर्माण होता, अगली सुबह वह मलबे में तब्दील हो जाती थी। तब एक भारतीय इंजीनियर को मां ने सपने में दर्शन देकर कहा कि वे मलबे से माता रानी की पिंडी को निकालकर स्थापित करें। इसी प्रकार मंदिर की स्थापना हुई।
महंत ने कहा कि इस मंदिर के लिए मंत्री नितिन गडकरी से एक यू-टर्न बनाने का आग्रह किया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकृति दे दी है और जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ होगा। महंत ने पीएम मोदी और नितिन गडकरी को इस कार्य के लिए धन्यवाद दिया और दिल्ली-देहरादून रोड के लिए शुभकामनाएं दीं।
ज्ञात हो कि मां डाट काली मंदिर वाहनों की सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध है। लोग यहां नए वाहन लाकर पूजा करते हैं, और माना जाता है कि मां का आशीर्वाद लेने के बाद वाहन और उसके चालक दोनों सुरक्षित रहते हैं।