PM मोदी ने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों से की मुलाकात, नितिन नवीन की अध्यक्षता में परिचय बैठक संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनके साथ आत्मीय संवाद किया। यह बैठक BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जो नई संगठनात्मक टीम की पहली औपचारिक परिचय बैठक थी।
बैठक का स्वरूप और प्रधानमंत्री का संदेश
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नज़रिए पर केंद्रित होती हैं, जिनका उद्देश्य पार्टी को मज़बूत करना और जनता के साथ जुड़ाव को गहरा करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी के साथियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।
BJP सांसद संबित पात्रा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम की घोषणा के बाद यह पहली पदाधिकारी बैठक थी, जो BJP मुख्यालय में विधिवत संपन्न हुई।
पहला प्रस्ताव: वंदे मातरम् को समर्पित
संबित पात्रा के अनुसार, इस बैठक में पारित पहला प्रस्ताव भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सम्मान में था। उन्होंने कहा कि यह वर्ष वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ के रूप में मनाया जा रहा है और देश के कोने-कोने में इस गीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।
पात्रा ने कहा कि वंदे मातरम् के मूल मंत्र में देश है, देशभक्ति है — और यह स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत रहा है।
कांग्रेस के निर्णय की BJP ने की कड़ी निंदा
बैठक में BJP ने 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा लिए गए उस निर्णय की कड़ी निंदा की, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के गायन को केवल पहले दो पदों तक सीमित कर दिया गया। BJP का कहना है कि वंदे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक है और इसे किसी भी रूप में सीमित करना देशभक्ति की भावना के विरुद्ध है।
गौरतलब है कि वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद नया नहीं है — दशकों से इस गीत की सांप्रदायिक व्याख्या और राजनीतिक उपयोग को लेकर बहस होती रही है। BJP और कांग्रेस के बीच यह टकराव एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों की राजनीति को केंद्र में ले आया है।
आगे की दिशा
नितिन नवीन के नेतृत्व में नई BJP टीम का यह पहला सांगठनिक कदम पार्टी की आंतरिक सक्रियता का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने बैठक को विशेष महत्व दिया और यह स्पष्ट किया कि नई टीम को शीर्ष नेतृत्व का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। आने वाले महीनों में यह टीम पार्टी संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में काम करेगी।