क्या पीएम मोदी ने मिलेट्स को लेकर कुछ खास कहा?
सारांश
Key Takeaways
- मिलेट्स की बढ़ती मांग स्वास्थ्य और किसानों के लिए फायदेमंद है।
- महिला किसान आत्मनिर्भर हो रही हैं।
- राजस्थान में नवाचारों से किसानों की आय बढ़ रही है।
- गणतंत्र दिवस पर एकता का संदेश दिया गया।
- मिलेट्स के सेवन की सलाह दी गई।
नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 से पहले के 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम का 130वां एपिसोड था। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने समाज, खेती, सेहत और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और लोगों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने मिलेट्स अर्थात् श्रीअन्न के प्रति देश में बढ़ते उत्साह को प्रेरणादायक बताया और इसे भारत की सांस्कृतिक और पोषण परंपरा से जोड़ा।
'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''मैं आप सभी की मिलेट्स के लिए सराहना करना चाहता हूं। 2023 को हमने 'मिलेट वर्ष' घोषित किया था, लेकिन आज तीन वर्ष बाद भी इसे लेकर देश और दुनिया में जो उत्साह है, वह प्रेरणादायक है। अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रीअन्न के प्रति लगाव बढ़ता जा रहा है और यह सेहत के साथ-साथ किसानों की आय के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है।''
पीएम मोदी ने तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले का उदाहरण देते हुए कहा, ''यहां महिला किसानों का एक समूह पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। 'पेरियापलायम मिलेट' एफपीसी से लगभग 800 महिला किसान जुड़ी हुई हैं। मिलेट की बढ़ती मांग को देखते हुए इन महिलाओं ने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की। अब ये महिलाएं मिलेट से बने उत्पादों को स्वयं तैयार कर सीधे बाजार में बेच रही हैं। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन गई हैं।''
प्रधानमंत्री ने राजस्थान के रामसर क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ''यहां एक कंपनी से 900 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं, जो बाजरे की खेती करते हैं। ये किसान बाजरे से लड्डू बनाते हैं, जिनकी बाजार में काफी मांग है।''
प्रधानमंत्री ने बताया, ''कई मंदिरों में प्रसाद के रूप में केवल मिलेट से बने उत्पादों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रीअन्न परंपरा, सेहत और रोजगार को एक साथ जोड़ रहा है।''
उन्होंने आगे कहा, ''मिलेट्स से किसानों की आय बढ़ रही है, वहीं आम लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है। सर्दियों में हमें श्रीअन्न का सेवन अवश्य करना चाहिए।''
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आने वाले कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फरवरी में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के विशेषज्ञ भारत आएंगे। पीएम मोदी ने इस समिट में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत किया और कहा कि अगले 'मन की बात' कार्यक्रम में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
अंत में उन्होंने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।