क्या प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से फोन पर बात की?
सारांश
Key Takeaways
- भारत-ब्राज़ील के बीच प्रगति के महत्वपूर्ण क्षेत्र
- द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता
- ग्लोबल साउथ के साझा हितों का समर्थन
- क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करना
- राष्ट्रपति लूला का भारत में स्वागत की उम्मीद
नई दिल्ली, २२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने और आगामी वर्ष में इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पिछले वर्ष ब्रासीलिया और दक्षिण अफ्रीका में हुई बैठकों को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्र जैसे व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि, और जनसम्पर्क में महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए और साझा चुनौतियों के समाधान में बेहतर बहुपक्षीय व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति लूला का भारत में जल्द स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इस बातचीत की जानकारी साझा की।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति लूला से बातचीत करके उन्हें खुशी हुई। हमने भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी में मजबूती और गतिशीलता की समीक्षा की, जो अगले साल नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की तैयारी में है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा घनिष्ठ सहयोग ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। मैं उनका जल्द ही भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।
इससे पहले, राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि क्या आपने गौर किया है कि ट्रंप ट्विटर (एक्स) के जरिए दुनिया पर राज करना चाहते हैं?
उन्होंने आगे कहा कि वह हर दिन कुछ अलग-अलग कहते हैं। यह संभव नहीं है। क्या आपको लगता है कि अगर हम लोगों की आंखों में आंखें डालकर बात न करें तो उनके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना संभव है? क्या उनके इंसान की बजाय वस्तु समझना संभव है?